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क्या आप जानते हैं कि म्यूचुअल फ़ंड में निवेश के सामने भी आवश्यकता होने पर आप लोन ले सकते है? म्यूचुअल फ़ंड यूनिट के सामने लोन, पर्सनल लोन से सस्ता और आसान है। इस आलेख में हम आपको बताएँगे कि म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफोलियो या उसके कुछ यूनिट के सामने आप लोन कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

आइये, हम आपको इससे जुड़ी कुछ मुख्य बातें बताते है:

यदि आप पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं , तो यह ध्यान रखें कि क्लीन पर्सनल लोन पर ब्याज की दर लगभग 14% हो सकती है, जबकि म्यूचुअल फ़ंड के यूनिट गिरवी रखकर आप लगभग 9% की दर से ऋण या ओवरड्राफ्ट सुविधा ले सकते हैं।

प्रायः सभी बैंक लोन और ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराते हैं । अतः आप लोन न लेकर ओवरड्राफ्ट की सुविधा का चयन कीजिये। लोन , कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट में क्या अन्तर है , इस विषय में हम अलग से एक लेख प्रकाशित कर चुके हैं। जिसे ऊपर दिये गए हाइपरलिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

लोन और ओवरड्राफ्ट में सबसे बड़ा अन्तर यह है कि लोन में आप लोन लेने के दिन से ही लोन की सम्पूर्ण धनराशि पर ब्याज चुकाते हैं, जबकि ओवरड्राफ्ट में आप द्वारा उपयोग में ली गई राशि पर ही ब्याज वसूला जाएगा । इससे आपको ब्याज की काफी बचत हो सकती है।

लोन की राशि गिरवी रखे गए यूनिट के इक्विटि म्यूचुअल फ़ंड के बाज़ार मूल्य की लगभग 50% होती है। डैब्ट म्यूचुअल फ़ंड के मामले में यह लिमिट 80% तक हो सकती है। अधिक धनराशि की आवश्यकता होने पर आप अधिक यूनिट गिरवी रख सकते हैं।

किन म्यूचुअल फ़ंड योजनाओं के समक्ष लोन की सुविधा मिल सकती है, इसके लिए आपको संबन्धित बैंक की अनुमोदित सूची  पर नज़र डालनी होगी। उदाहरण के लिए, धारा 80सी के अंतर्गत टैक्स लाभ वाली ELSS टैक्स सेवर स्कीम के सामने कोई भी बैंक लोन उपलब्ध नहीं करा सकता है।

म्यूचुअल फ़ंड के सामने लोन किन्हीं व्यक्तिगत उद्देश्यों जैसे परिवार में शादी-विवाह, देश-विदेश में पर्यटन के लिए जाने, उच्च शिक्षा, कोचिंग की फीस या किन्हीं आकस्मिक कारणों इत्यादि से लिया जा सकता है।

लोन और ओवरड्राफ्ट की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑन-लाइन होने के कारण आप इसे घर बैठे ही पूर्ण कर सकते हैं। यहाँ तक कि डॉक्युमेंट्स साइन करने के लिए भी आपको बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है। बैंक से प्राप्त ओटीपी आपका यह काम करेगा।

आप जिस बैंक अथवा एनबीएफ़सी से लोन लेना चाहते हैं, उसकी अधिकृत वैबसाइट पर जाइए। ‘लोन अगेन्स्ट सेक्यूरिटीस’ (LAS) लिंक पर क्लिक करिए। उसके बाद स्क्रीन पर दिये दिये जा रहे निर्देशों के अनुसार डीटेल भरिए।

म्यूचुअल फ़ंड यूनिट पर लोन देने वाले बैंक का लिएन रजिस्टर करने के लिए आपको संबन्धित म्यूचुअल फ़ंड के रजिस्ट्रार और ट्रान्सफर एजेंट जैसे , CAMS अथवा KFINTECH की वैबसाइट पर रि-डाइरैक्ट किया जाएगा। जहां आप यूनिट गिरवी रखने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। तत्पश्चात, लोन की राशि आपके खाते में जमा कर दी जाएगी ।

इस स्कीम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आपको धन की आवश्यकता होने पर म्यूचुअल फ़ंड का पोर्टफोलियो तोड़ने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। यदि मार्केट ऊपर जा रहा है , तो आपको अपने निवेश पर अधिकतम रिटर्न प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही, यदि मार्केट आपके पक्ष में नहीं है, तो घाटा उठाने की जरूरत नहीं है। लोन से आपकी जरूरत पूरी हो जाएगी।