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गुजरात सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गांधीनगर स्थित ‘गिफ्ट सिटी’ में मद्यपान की अनुमति दे दी है। पूर्व मुख्यमंत्री और कॉंग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला ने बीजेपी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार के इस निर्णय को एक साहसिक कदम बताते हुए इसका स्वागत किया है।
गिफ्ट सिटी में और अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करने की दिशा में इससे काफी मदद मिलने की आशा की जा रही है।आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों और यहाँ कार्यरत कर्मियों को भी इससे लुभाया जा सकेगा। गुजरात सरकार के इस कदम को गिफ्ट सिटी के लिए क्रिसमस गिफ्ट के रूप में देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात का पोरबंदर महात्मा गांधी की जन्मभूमि है और वे मद्यनिषेध के बड़े हिमायती थे। इसलिए 1960 में गुजरात राज्य की स्थापना के समय से ही यहाँ मद्यनिषेध की नीति लागू की गई। अनेक बार इस निर्णय का विरोध भी हुआ । मद्यनिषेध के पक्ष में अनेक कारण दिये गए, जिनमें सबसे अधिक प्रभावी कारण है कि गुजरात में मद्यनिषेध के कारण अपराध कम हैं ।
गिफ्ट सिटी के बारे में जानिए :

2008 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और देश के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गिफ्ट सिटी यानि गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक सिटी (GIFT CITY) का सपना देखा, जो अब तेजी से साकार हो रहा है। देश-विदेश के अनेक बैंक, बीमा , और स्टॉक एक्सचेंज यहाँ अपने कार्यालय खोल चुके हैं। इसे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) घोषित किया है। यहाँ होने वाले सौदे केवल डॉलर और अन्य विदेशी मुद्राओं में ही होते हैं। गिफ्ट सिटी में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से ही नियम बनाए गए हैं। यही कारण है कि एक पृथक नियामक (रेग्युलेटर) बनाए जाने की प्रक्रिया की भी चर्चा है।
यह देश का प्रथम स्मार्ट सिटी भी है। इसके प्रबंध और रखरखाव के लिए अलग अधिकरण बनाया गया है।
गुजरात सरकार के आबकारी विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि अनुमति प्राप्त होटल और रेस्टौरेंट अपने मेहमानों को शराब पेश कर सकेंगे। अधिसूचना के अनुसार, यह भी कहा गया है कि शराब (Wine) की बोतल बेंचने की अनुमति नहीं होगी।
