What’s Peer 2 Peer Lending & How it works?

आज हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि Peer 2 Peer Lending  क्या है और यह कैसे काम करता है?

पारंपरिक रूप से हम यह जानते हैं कि हम अपनी बचत की रकम को बैंक में जमा करते हैं। बैंक उस जमाराशि पर हमें ब्याज देता है । दूसरी ओर बैंक हमारी जमाराशि को लोन / ऋण या कर्ज के रूप में पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराता है। पात्रता की शतें योजनानुसार अलग-अलग हो सकती हैं । साथ ही बैंक यह भी देखता है कि क्या वे व्यक्ति निश्चित तारीख पर उसे लौटाने में सक्षम होंगे ? ऋण की राशि पर बैंक कर्जदारों से ब्याज बसूलता है। ब्याज की कमाई और खर्च में अंतर पर बैंक का लाभ-हानि निर्भर रहता है।

Peer 2 Peer Lending क्या है? (What is P2P Lending)?

Peer 2 Peer Lending को संक्षेप में P2P Lending कहा जाता है। यह एक ऑनलाइन प्लैटफ़ार्म है। यहाँ एमएसएमई कारोबारी और व्यक्ति रु.500 से रु. 50 लाख तक के unsecured Loan के लिए आवेदन कर सकते हैं । खास तौर पर ऐसे लोग, जो बैंकों की औपचारिकताएँ पूरी करने में सहज नहीं हैं। Unsecured Loan से हमारा तात्पर्य यह है कि इस लोन को लेने के लिए उनके पास गिरवी रखने को कुछ भी नहीं है ।

Peer 2 Peer Lending
P2P

इस व्यवस्था में बैंक अथवा वित्तीय संस्था लोन नहीं देते। लोन देने वाले हमारे और आपके जैसे लोग होते हैं, जो अधिक ब्याज कमाने अथवा अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने के उद्देश्य से पैसा उधार देने को तैयार रहते हैं ।  

ब्याजदर की बात करें , तो यह कुछ मामलों में तो 24% से 30%  के मध्य अथवा उससे भी अधिक हो सकती है ।

बैंकिंग और Peer 2 Peer Lending में क्या अंतर है ?
(What’s the difference between Banking & P2P Lending) ?

बैंकिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि डिपॉज़िट करते समय हमें यह पता नहीं होता कि हमारे द्वारा जमा की गई राशि को कर्ज के रूप में किसे दिया जाएगा। इसी तरह कर्ज लेने वाले को यह पता नहीं होता कि उसने बैंक से जो उधार लिया है, उसे डिपॉज़िट के रूप में किसने और कब जमा किया था।

बैंकिंग के पूरी प्रक्रिया में बैंक एक मध्यस्थ (Intermediary)  के रूप में काम करता है। हमारा पैसा ब्याज सहित लौटने की पूरी ज़िम्मेदारी बैंक की होती है। लेकिन पीयर 2 पीयर लेंडिंग में ऐसा नहीं है। यहाँ आप यानि जमाकर्ता स्वयं बैंक की भूमिका में होते हैं और अपनी जमाराशि को ब्याज पर चढ़ाते हैं ।

Peer 2 Peer Lending की विशेषताएँ क्या हैं ?
(What are the characteristics of P2P Lending)?
  • इस व्यवस्था में भी सामान्य बैंकिंग व्यवस्था की तरह ही तीन पक्ष शामिल होते हैं। पहला , जो निवेश करने अथवा अपने पैसा लोन पर देने को तत्पर होता है। दूसरा पक्ष, वह एनबीएफ़सी है जो Peer 2 Peer Lending के लिए अपना प्लैटफ़ार्म उपलब्ध करा रहा है अर्थात मध्यस्थ का कार्य कर रहा है। तीसरा पक्ष वह सामान्य व्यक्ति या MSME कारोबारी है, जिसे पैसे की आवश्यकता है। 
  • यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें जमाकर्ता को यह मालूम है कि वह कहाँ निवेश कर रहा है या किसे उधार दे रहा है । उसे यह भी मालूम है कि उसे कितना ब्याज मिलेगा।
  • ब्याज दर तो बैंक में जमा करने पर भी मालूम होती है , लेकिन यहाँ अंतर यह है कि बैंक की ब्याज दर तो सबके लिए एक समान होती है। Peer 2 Peer Lending में ऐसा नहीं है । यहाँ बिभिन्न उधारकर्ता अपनी ब्याज दरों के बोर्ड लगाकर बाज़ार में खड़े हैं। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपनी जमा राशि किसे और किस ब्याज पर देने के लिए तैयार होते हैं ।
  •  यदि आप उधारकर्ता की पृष्ठभूमि से संतुष्ट हैं और उसके द्वारा ऑफर की गई ब्याज दर आपको उचित लगती है, तब आप उसके प्रॉडक्ट में निवेश कर सकते है, अन्यथा दूसरे अधिक आकर्षक अवसर की प्रतीक्षा करिए।
Peer 2 Peer Lending का संचालन कौन करता है ?
(Who manages Peer 2 Peer Lending) ?

Peer 2 Peer Lending व्यवस्था का संचालन इस उद्देश्य के लिए गैर-बैंकिंग फ़ाइनेंस कंपनी (Non-Banking Finance Company/ NBFC) द्वारा किया जाता है । सभी एनबीएफ़सी इस प्लैटफ़ार्म का संचालन करने के लिए अधिकृत नहीं हैं ।

इसके लिए संबन्धित एनबीएफ़सी को भारतीय रिजर्व बैंक से विशेष  रूप से लाइसेन्स प्राप्त करना होता है।

यदि बैंक , एनबीएफ़सी अथवा बैंकिंग कोरस्पोंडेंट, जिनके पास अपने ऑन लाइन प्लैटफ़ार्म हैं और इस व्यवस्था के अंतर्गत मध्यस्थ की भूमिका अदा करना चाहते हैं , तो उन्हें भी अलग से इसके लिए लाइसेन्स प्राप्त करना आवश्यक है।

Peer 2 Peer Lending का नियमन कौन करता है ?
(Who regulates Peer 2 Peer Lending)?

जैसा कि हम जानते हैं कि बैंकों का नियमन (Regulation) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) करता है। P2P Lending की व्यवस्था NBFC यानि नॉन-बैंकिंग फ़ाइनेंस कंपनी द्वारा संचालित की जाती है और उनका नियामक (Regulator) भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ही है।

P2P प्लैटफ़ार्म के विषय में भारतीय रिजर्व बैंक के नियम क्या हैं?
(What are the rules of RBI for P2P platforms)?

वैसे तो वर्ष 2012 में भारत में P2P Lending का प्रादुर्भाव हो गया था, लेकिन इस दिशा में गंभीर कदम 2017 में उठाए गए, जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने NBFC-P2P Directions, 2017 की घोषणा कर इससे संबन्धित नियमों का कार्यान्वयन किया। इसके पश्चात 2019 में कुछ संशोधन कर रिस्क मैनेजमेंट को और भी सुदृढ़ किया गया ।

रिजर्व बैंक से पंजीकरण अनिवार्य है ।
Regsitration with RBI is compulsory.

जैसा कि मैंने ऊपर कहा कि जो प्लैटफ़ार्म, लोन देने की सेवा प्रदान करना चाहें, उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक से पंजीकरण कराना आवश्यक होता है। इस दृष्टि से देखें तो दोनों का रेग्युलेटर एक ही होने के कारण नियमन की गुणवत्ता में कोई फर्क नहीं होना चाहिए, लेकिन वास्तव में ऐसा ही हो , यह आवश्यक नहीं है । बैंकों और एनबीएफ़सी कंपनियों की कार्यपद्धति में क्या अंतर है, इससे हम लोग भलीभाँति परिचित हैं ।

Peer 2 Peer Lending में क्या जोखिम है ?
(What are the Risks in Peer 2 Peer Lending)?

Peer 2 Peer Lending व्यवस्था ऋणदाता को अधिक ब्याज कमाने के अवसर प्रदान करती है। यह अत्यंत जोखिमपूर्ण है । इसका कारण यह है कि आपका पैसा ब्याज सहित लौटाने की पूरी और एकमात्र ज़िम्मेदारी उस व्यक्ति या कारोबारी की है, जिसे आप लोन दे रहे हैं।

यदि किसी भी कारण से वह आपकी मूल  धन राशि और ब्याज चुकाने में असफल रहता है , तो आपके द्वारा दी गई राशि को एनपीए बनने में देर नहीं लगेगी।

सरल शब्दों में कहें , तो आपका पैसा डूब भी सकता है । इसलिए यह आवश्यक है कि ऋण देने से पूर्व आप कुछ सावधानियाँ बरतें। यह सावधानियाँ क्या हो सकती हैं , उसकी चर्चा हम आगे करेंगे।

Peer 2 Peer Lending के जोखिमों को कैसे कम करें ?
(How to mitigate risks in Peer 2 Peer Lending)?
  • इस तरह के बिजनेस में पैसा लगाने से पूर्व इसकी कार्यपद्धति के विषय में अच्छी तरह से जानिए । जब संतुष्ट हों, तभी उधार देने का मन बनाइये ।
  • प्लैटफ़ार्म का चुनाव  सोच-समझ कर करें । इस समय 21 कंपनियाँ, P2P Lending प्लैटफ़ार्म चलाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से पंजीकृत हैं। इनकी सूची नींचे दी जा रही है । इनमें से कुछ ऐसी कंपनियाँ हैं, जिनकी स्थापना किसी विदेशी कंपनी द्वारा की गयी है। कुछ ऐसी भी हैं, जो किसी प्रतिष्ठित भारतीय कंपनी के साथ सम्बद्ध हैं । आप ऐसी कंपनी का चुनाव करें, जिन्हें हमारे देश अथवा विदेश में इस प्रकार का कार्य करने का अनुभव है ।
  • अनुभवी और पहले से स्थापित प्लैटफ़ार्म का लाभ यह है कि वे प्रायः उधारकर्ताओं के विषय में पहले से आवश्यक जानकारी जुटाकर रखते हैं । उनके पूर्व ट्रैक रिकॉर्ड , वर्तमान गतिविधियों आदि के विषय में उधारदाताओं को सम्पूर्ण छानबीन कर लेनी चाहिए।
  • केवल एक ही व्यक्ति अथवा फ़र्म को उधार न दें । अपनी कुल निवेश राशि को 3-4 उधारकर्ताओं के बीच बांटें। इससे आपका जोखिम कम होगा ।
  • अपनी सम्पूर्ण बचत अथवा निवेश योग्य धनराशि को केवल P2P Lending में ही न लगाएँ । उसे बिभिन्न Asset Classes जैसे, बैंक, शेयर बाज़ार, म्यूचुअल फ़ंड , गोल्ड , भूमि-भवन आदि में बाँट दें । अपनी जोखिम क्षमता, उपलब्ध धनराशि की मात्रा के आधार पर निर्णय करें । यह भी देखें कि आपको उस राशि की आवश्यकता कब पड़ेगी। यह सब सोच कर ही निवेश का निर्णय करें।
भारतीय रिजर्व बैंक से पंजीकृत एनबीएफ़सी – पीयर 2 पीयर कंपनियाँ
(NBFC Peer 2 Peer Companies registered with RBI) -31 मई ,2021
क्रमांक
S No
कंपनी का नाम Name of the Companyभारतीय रिजर्व बैंक क्षेत्रीय कार्यालय
RBI Regional Office
1ETYACOL TECHNOLOGIES PRIVATE LIMITEDBengaluru
2MICROGRAAM MARKETPLACE PRIVATE LIMITEDBengaluru
3RANG DE P2P FINANCIAL SERVICES PRIVATE LIMITEDBengaluru
4MONEXO FINTECH PRIVATE LIMITEDChennai
5DIPAMKARA WEB VENTURES PRIVATE LIMITEDHyderabad
6FINCSQUARE FINTECH PRIVATE LIMITEDHyderabad
7LUHARIA TECHNOLOGIES PVT LTDHyderabad
8SRS FINTECHLABS PRIVATE LIMITEDHyderabad
9RNVP TECHNOLOGY PRIVATE LIMITEDKanpur
105Paisa P2P LimitedMumbai
11BIGWIN INFOTECH PRIVATE LIMITED (NBFC – P2P)Mumbai
12BRIDGE FINTECH SOLUTIONS PRIVATE LIMITED (NBFC – P2P)Mumbai
13FAIR VINIMAY SERVICES PVT LIMITED (NBFC – P2P)Mumbai
14FINTELLIGENCE DATA SCIENCE PRIVATE LIMITED (NBFC – P2P)Mumbai
15Innofin Solutions Private Limited (NBFC – P2P)Mumbai
16NDX P2P PRIVATE LIMITED (NBFC – P2P)Mumbai
17OHMY TECHNOLOGIES PRIVATE LIMITED (NBFC – P2P)Mumbai
18VISIONARY FINANCEPEER PRIVATE LIMITED ( NBFC-P2P )Mumbai
19ANTWORKS P2P FINANCING PRIVATE LIMITED New Delhi
20FAIRASSETS TECHNOLOGIES INDIA PRIVATE LIMITED New Delhi
21TRANSACTREE TECHNOLOGIES PRIVATE LIMITED New Delhi
Peer 2 Peer Lending NBFCs
निष्कर्ष (Conclusion):

Peer 2 Peer Lending हमें, हमारे देश में सदियों से चली आ रही ऋण व्यवस्था की याद दिला देती है । जब बैंकों की पहुँच हर गाँव और मोहल्ले तक नहीं थी , तब लोग आपस में ही ब्याज पर रुपयों का लेन-देन करते थे। वैसे कई जगह यह आज भी चलन में है। इस तरह से देखें तो Peer 2 Peer Lending एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को लोन देना ही है।

हाँ, एक अंतर हुआ है कि पहले लोग अपनी जान-पहचान वाले को ही लोन देते थे , अब टेक्नालजी के आने से इसमें परिवर्तन हुआ है । लोग अपने शहर से दूर दूसरे शहर में भी रुपया ब्याज पर उठा सकते हैं । उनकी आपस में जान-पहचान भी जरूरी नहीं है। मध्यस्थ के रूप में बैंकों की भूमिका यहाँ नहीं है । लेकिन प्लैटफ़ार्म प्रदान करने वाले एनबीएफ़सी तो यहाँ भी हैं । ब्याज दरें देखें, तो पिछले जमाने से कम तो नहीं हैं।

इस आलेख में हमने यह जानने का प्रयास किया है कि  Peer 2 Peer Lending क्या है और यह कैसे काम करता है। यह जानकारी केवल इस प्रॉडक्ट के विषय में सामान्यजन के साथ जानकारी साझा करने के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है और हम इसमें धन लगाने की सिफ़ारिश नहीं करते । निवेश से पूर्व अपनी जोखिम क्षमता को भलीभाँति जांच लें और अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें ।

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