आजका विषय है कि Education/ Student Loan कैसे प्राप्त करें । अधिकांश स्टूडेंट्स की यह शिकायत रहती है कि बैंक वाले आगे पढ़ाई के लिए लोन नहीं देते। वे कोई न कोई कारण बताकर टाल देते हैं । इस संबंध में हम आपको बताना चाहेंगे कि एजूकेशन/स्टूडेंट लोन अथवा शिक्षा ऋण के लिए बैंक में संपर्क करने से पहले आप इससे जुड़े नियमों और पात्रता की शर्तों को समझ लें।

इसका लाभ आपको यह होगा कि बैंक में जाने से पूर्व ही आप अपनी फ़ाइल तैयार कर लेंगे क्योंकि बैंक वालों के पास तो इतना समय नहीं होता कि वे आपको सही तरह से गाइड कर सकें। बेहतर यही है कि बैंक से संपर्क करने से पहले आप यह जान लें कि Education/ Student Loan कैसे प्राप्त कर सकते हैं । उसकी पात्रता की शर्तें क्या हैं और उसके लिए कौन-कौन से डॉक्युमेंट्स लगते हैं। हम आपको यह भी बताएँगे कि कोर्स के दौरान होने वाले कौन-कौन से खर्चे आप को लोन में शामिल करने हैं ।  

Education Loan कैसे प्राप्त करें
Photo Courtesy: Sparsh, A Law student

एजुकेशन लोन योजना-पृष्ठभूमि:

(Education Loan Scheme-Background)

शिक्षा ऋण योजना हमारे देश में लगभग दो दशकों से प्रचलन में है। इसका यह अर्थ नहीं है कि बैंक पहले शिक्षा का वित्तपोषण नहीं कर रहे थे। 2001 में, भारत सरकार के निदेशानुसार भारतीय बैंक संघ द्वारा सभी बैंकों के लिए एकसमान योजना तैयार की गई। भारत सरकार के अनुमोदन के बाद सभी वाणिज्यजिक बैंकों द्वारा इस योजना को कार्यान्वित किया गया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शिक्षा के लिए ऋण देने हेतु बैंकों को प्रोत्साहित करने के लिए इसे प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल किया । वर्तमान में रू. 20 लाख तक के शिक्षा ऋणों को प्राथमिकता क्षेत्र अग्रिम के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

जनवरी 2020 में बिजनेस-स्टैंडर्ड में प्रकाशित एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई । रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वाणिज्यिक बैंकों का शिक्षा ऋण पोर्टफोलियो हमारे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.3% है, और 95% ऋण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा दिया गया है।

दूसरी ओर, जनवरी 2019 में हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा ऋणों में एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) लगभग 9% है। एनपीए का उच्चतम 21.28% नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए दिये गए ऋणों का है। अगली उच्च एनपीए श्रेणी (9.76%) वित्त से इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों तक विस्तारित है।

बेरोजगारी, एनपीए का एक बड़ा कारण हो सकता है। लेकिन अत्यधिक आश्चर्य की बात यह है कि 6.06% एनपीए चिकित्सा शिक्षा को दिए गए अग्रिमों से हैं।

एजुकेशन लोन क्यों घट रहे हैं?

(Why Education Loans are declining)?

उपरोक्त आंकड़ों से पता चला है कि 2016 के बाद से शिक्षा ऋण में कुल गिरावट क्यों हो रही है। मैं सोशल मीडिया में छात्रों और उनके परिवारों द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा को समझ सकता हूँ । अधिकांश छात्रों का अनुभव यह रहा है कि बैंक शिक्षा ऋण देने में अनिच्छुक हैं ।

सरकारी बैंकों  के अलावा, लगभग 5-10% बाजार निजी क्षेत्र के बैंकों और NBFC द्वारा कब्जा कर लिया गया है, लेकिन उनकी पहुंच सीमित है और आम लोग शुल्क और ब्याज दरों को देखते हुए इतने सहज नहीं हैं। उनके अधिकांश अग्रिम शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी की व्यवस्था के तहत हैं।

एक अन्य पहलू यह भी है कि अधिकांश माता-पिता या विद्यार्थियों को Education/ Student Loan संबंधी पर्याप्त जानकारी नहीं है । जानकारी के अभाव में वे पात्र होने पर भी लोन के लिए आवेदन नहीं करते। अतः यह जानना बहुत जरूरी है कि Education/ Student Loan कैसे प्राप्त किया जाये।

अंततः, जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी सरकारी बैंकों पर ही आती है। इस लेख को प्रस्तुत करने का उद्देश्य भावी छात्रों / उधारकर्ताओं को योजना से अवगत कराना है ताकि वे योजना का लाभ ले सकें ।

शिक्षा भविष्य का पासपोर्ट है, कल उनका होगा , जो आज इसकी तैयारी करते हैं।मैल्कम एक्स

एजुकेशन लोन स्कीम-विशेषताएँ

Education/ Student Loan Scheme-Salient Features

अब आगे जानते हैं कि Education/ Student Loan Scheme क्या है और लोन कैसे प्राप्त करें :

एजुकेशन लोन के लिए पात्रता मानदंड :

Eligibility norms for Education Loan –

छात्र की पात्रता

(Eligibility of student):

• 16 से 35 वर्ष की आयु के बीच भारतीय का नागरिक होना चाहिए

• विद्यार्थी ने एचएससी (10 + 2 या समकक्ष) परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो। तत्पश्चात , उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा / मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश सुनिश्चित किया हो। जहां प्रवेश ले रहे हों, वह संस्था / विद्यालय समुचित रूप से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।

• अच्छा शैक्षणिक रेकॉर्ड ।

• छात्र पर किसी अन्य संस्थान से बकाया शिक्षा ऋण नहीं होना चाहिए।

• पिता / माता सह-उधारकर्ता होना चाहिए।

• छात्र के स्थायी निवास के निकटतम शाखा ऋण पर विचार करेगी।

पाठ्यक्रम की पात्रता

(Eligible courses):

• स्नातक / स्नातकोत्तर डिग्री अथवा यूजीसी / सरकार / एआईसीटीई / एआईबीएमएस / आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेजों / विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा।

• आईसीडब्ल्यूए, सीए, सीएफए, आदि जैसे पाठ्यक्रम।

  • केंद्रीय / राज्य सरकार द्वारा स्थापित IIM, IIT, IISc, XLRI, NIFT, NID और अन्य संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रम।

• एयरोनॉटिकल, पायलट ट्रेनिंग शिपिंग, नर्सिंग में डिग्री / डिप्लोमा या सिविल एविएशन / शिपिंग / इंडियन नर्सिंग काउंसिल के महानिदेशक द्वारा अनुमोदित किसी अन्य पाठ्यक्रम में नियमित डिग्री / डिप्लोमा पाठ्यक्रम

एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित और राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम योजना के तहत पात्रता के दायरे में आते हैं।

विदेश में पढ़ाई:

(Studies abroad):

• स्नातक: प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा पेश किए गए नौकरी उन्मुख पेशेवर / तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए।

• पोस्ट-ग्रेजुएशन: एमसीए, एमबीए, एमएस आदि।

• CIMA द्वारा संचालित पाठ्यक्रम – लंदन, संयुक्त राज्य अमेरिका में CPA, आदि।

अभी तक आप यह जान गए होंगे कि Education/ Student Loan के लिए पात्रता शर्तें क्या हैं। आगे हम यह जानेंगे कि Education/ Student Loan में कौन-कौन से खर्चे शामिल किए जा सकते हैं।

एजुकेशन लोन के लिए कौन से खर्चे शामिल किए जा सकते हैं ?

(What expenses may be included in the Education loan)?

• कॉलेज / स्कूल / छात्रावास के लिए देय शुल्क (संस्था से विवरणिका / मांग पत्र के अनुसार।)

• परीक्षा / पुस्तकालय / प्रयोगशाला शुल्क।

• पुस्तकों / उपकरणों / उपकरणों / वर्दी (uniform ) की खरीद।

• संस्था बिलों / रसीदों द्वारा समर्थित जमा राशि (Caution Money) / भवन निधि / रिफंडेबल जमा।

• विदेश में पढ़ाई के लिए यात्रा का खर्च ।

• कंप्यूटर / लैपटॉप की खरीद – जो पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए आवश्यक हों ।

• छात्र / सह-उधारकर्ता के जीवन बीमा के लिए जीवन बीमा प्रीमियम

• पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए आवश्यक कोई अन्य खर्च – जैसे अध्ययन पर्यटन, परियोजना कार्य, थीसिस, आदि।

  • अनेक बार यह पूंछा जाता है कि क्या कोचिंग फीस भरने के लिए भी एजुकेशन लोन मिलता है ? तो जवाब है, नहीं । उसके लिए या ऐसे ही अन्य खर्चों के लिए आपको स्वयं व्यवस्था करनी होती है । हाँ, इसके लिए आप पर्सनल लोन ले सकते हैं ।

एजुकेशन लोन कितना मिल सकता है?

(How much Education loan is available)?

Education/Student Loan निम्नलिखित अधिकतम सीमा और पाठ्यक्रम के पूरा होने पर छात्र की अर्जन क्षमता के आधार पर दिया जाता है :

• भारत में अध्ययन – अधिकतम रु. 10 लाख

• विदेश में अध्ययन – अधिकतम रु. 20.00 लाख

कितना मार्जिन भरना पड़ेगा?

(How much Margin is to be brought in) ?

Education/ Student Loan में मार्जिन संबंधी नियम इस प्रकार हैं ‘

रु. 4 लाख तक के लोन पर : शून्य

रु. 4 लाख से ऊपर के लोन पर  – भारत में अध्ययन: 5% विदेश में अध्ययन: 15% •

छात्रवृत्ति को मार्जिन में शामिल किया जा सकता है

मार्जिन की राशि वार्षिक आधार पर या जब-जब ऋण संवितरण का आवेदन करें , तब जमा करना होगा।

सेक्युर्टी मानदंड क्या हैं ?

(What are Security norms)?

• रु.7.5 लाख तक : सह-उधारकर्ता के रूप में केवल माता-पिता / अभिभावक। कोई संपार्श्विक सुरक्षा या अन्यपक्षीय  गारंटी नहीं

• रु.7.5 लाख रुपये से ऊपर: माता-पिता सह-उधारकर्ता रहेंगे और कोई प्रॉपर्टी आदि की सेक्युर्टी लगेगी।

स्वीकार्य प्रतिभूतियाँ :

Acceptable Securities:

सेक्युर्टी के तौर पर आप भूमि, भवन, सार्वजनिक क्षेत्र के बांड, राष्ट्रीय विकास पत्र, किसान विकास पत्र, जीवन बीमा पॉलिसी, बैंक सावधि जमा आदि, एक उपयुक्त मार्जिन के साथ दे सकते हैं। यह सेक्युर्टी छात्र, उसके मातापिता , अभिभावक अथवा गारंटीकर्ता के नाम में होनी चाहिए ।

एजुकेशन लोन में ब्याज दर क्या होगी ?

(How much is the Rate of Interest in an Education Loan )?

ब्याज दरें अलग-अलग बैंक में थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। कुछ बैंकों ने ब्याज दर को MCLR से तो कुछ ने RBLR से समबद्ध किया है । यहाँ मैं अधिक बारीकियों में न जाकर केवल इतना कहना चाहूँगा कि ब्याज 9.25% से 9.50% वार्षिक के आसपास  हो सकता है ।

किसी विद्यार्थी ने यह पूंछा है कि शिक्षा ऋण पर ब्याज होम लोन के ब्याज से अधिक क्यों है , तो मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा कि ऐसा बिलकुल नहीं है। दोनों में बहुत बड़ा अंतर है ।

शिक्षा के लिए ऋण पर आप अध्ययनकाल में साधारण ब्याज (Simple Interest) का भुगतान करते हैं। होम लोन के मामले में ब्याज की दर तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) वसूली जाती है ।

कृपया याद रखें कि छात्राएं लागू ब्याज दर में 0.5% की रियायत के लिए पात्र हैं।

एजुकेशन लोन में बीमा की क्या जरूरत है?

(Why insurance is insisted upon in an Education Loan )?

कई बार यह प्रश्न उठाया जाता है कि Education / Student लोन में बैंक विद्यार्थी का इन्शुरेंस कराने पर क्यूँ ज़ोर देते हैं ?

देखिये, भविष्य में क्या होगा, यह कोई नहीं जानता । लोन लेने के बाद कोई अनपेक्षित और अशुभ घटना हो जाने पर Education Loan का भार परिवार पर आ जाता है । ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बैंक बीमा के लिए आग्रह करते हैं । इससे बैंक का जोखिम तो कम होता ही है, विद्यार्थी के परिवार को भी आर्थिक संकट से बचाया जा सकता है ।

लगभग सभी बैंकों की अपनी सहायक बीमा कंपनियाँ हैं या उनका बीमा कंपनियों के साथ टाई-अप है। विद्यार्थी -उधारकर्ताओं को विशेष रूप से डिजाइन किए गए टर्म इन्शुरेंस बीमा कवर की पेशकश की जाती है। प्रीमियम की राशि को लोन की राशि में शामिल किया जाता है।

जीवन बीमा विद्यार्थी और उनके माता-पिता को भविष्य में किसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में वित्तीय बोझ को दूर करने में मदद करता है।

प्रसंस्करण शुल्क:

(Processing Fee):

प्रोसेसिंग चार्ज भी भिन्न बैंकों में अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के लिए,

बैंक ऑफ इंडिया (BOI) में,

• भारत में अध्ययन के लिए: कोई प्रसंस्करण शुल्क नहीं  ।

• विदेश में अध्ययन के लिए: प्रसंस्करण शुल्क रु. 5000 / -। (BOI में, ऋण का संवितरण होने के बाद सेवा कर को छोड़कर प्रसंस्करण शुल्क वापस कर दिया जाता है )।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में

        रु. 20 लाख तक का ऋण: शून्य

        रु. 20 लाख से ऊपर के ऋण: रु. 10,000 (कर अतिरिक्त)

अन्य व्यय (Other Expenses):

कुछ अन्य खर्चे भी हो सकते हैं, जो किसी मामले में लागू हो सकते हैं, जैसे कि;

पोर्टल शुल्क (Portal Fee)

छात्र आवेदकों को कुछ मामलों में पोर्टल शुल्क का  भुगतान करने की आवश्यकता हो सकती है, यह  तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाताओं द्वारा लगाया जाता है जो सेट किए गए ऋण आवेदनों को दर्ज करने के लिए एक सामान्य पोर्टल संचालित करते हैं।

स्टाम्प ड्यूटी / बंधक पंजीकरण शुल्क

(Stamp Duty/Mortgage Registration Fee) :

यदि कोई संपत्ति गिरवी रखी जाती है, तो उधारकर्ता को संबंधित राज्य में प्रचलित दर, स्वामित्व परीक्षण (Title Search Report) रिपोर्ट के लिए शुल्क और मूल्यांकन शुल्क (Valuation Fee)के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी वहन करना पड़ता है। उधारकर्ता को सब-रजिस्ट्रार के यहाँ  बंधक के पंजीकरण के लिए भी भुगतान करना होगा। लेकिन यह व्यवस्था सभी राज्यों में एक जैसी नहीं है ।

विचलन शुल्क (Deviation Fee):

कभी-कभी, बैंक योजना के मानदंडों से थोड़ा हटकर (विचलन) छात्र / उधारकर्ता के अनुरोध पर सहमत होता है। उदाहरण के लिए , कोई पाठ्यक्रम योजना में शामिल नहीं है । यदि बैंक ठीक समझे , तो अपने सक्षम अधिकारी की अनुमति से उसे शामिल करा सकता है । इस प्रकार के विचलन पर सामान्य रूप से रु. 500 / – से लेकर ऋण की मात्रा के आधार पर 3000 / – प्रति विचलन तक, सेवा प्रभार लगाया जाता है ।

विदेशी मुद्रा विनिमय शुल्क :

(Foreign Currency Exchange Charges):

यदि आपने विदेश में शिक्षा के लिए ऋण के लिए आवेदन किया है, तो बैंक विदेशी मुद्रा में पेमेंट करता है ।भारतीय रुपये से उस देश की मुद्रा में परिवर्तन के लिए कुछ विनिमय शुल्क लग सकता है। यह परिवर्तन उस दिन के बाज़ार में प्रचलित विनिमय दर पर किया जाएगा।

एजुकेशन लोन का संवितरण कैसे होता है ?

How an Education/ Student Loan is Disbursed ?

कई छात्रों ने यह जानना चाहा है कि उन्हें Education/ Student Loan की ऋण राशि कैसे उपलब्ध कराई जाती है। हम यह बताना चाहेंगे कि आपका लोन मंजूर हो जाने के बाद, आप बैंक के डॉक्युमेंट्स पर हस्ताक्षर करेंगे। जहां सेक्युर्टी का मोर्टगेज आदि की शर्त है, उसे पूरा किया जाएगा ।

यह प्रक्रिया पूर्ण हो जाने पर बैंक आपके शिक्षण संस्थान के नाम डिमांड ड्राफ्ट जारी करेगा । आजकल डिजिटल का जमाना है , इसलिए बैंक आपके शिक्षण संस्थान के बैंक खाते में मांगी गई राशि RTGS / NEFT द्वारा सीधे ट्रान्सफर भी कर सकते हैं।

कुछ मामलों में संभव है कि विद्यार्थी ने कॉलेज की फीस पहले से भर दी हो। यह भी सकता है कि पुस्तकें आदि नकद भुगतान कर खरीद ली हों। ऐसी स्थिति में , भुगतान की रसीद / कैश मेमो प्रस्तुत कर बैंक से राशि की प्रतिपूर्ति करने का अनुरोध कर सकते हैं ।

ऐसे मामलों में, बैंक छात्र के बैंक खाते में ऋण की राशि की प्रतिपूर्ति करने पर विचार कर सकता है। आशा है कि Education/ Student Loan कैसे प्राप्त करें, यह अभी तक स्पष्ट हो गया होगा।

मार्जिन का समायोजन:

(Adjustment of Margin):

यदि शिक्षा ऋण योजना की शर्तों के अनुसार आपको मार्जिन भरना है , तब वह राशि आप, अपने बैंक के बचत खाते में जमा करेंगे। इसे एक उदाहरण से समझते हैं ।

मान लीजिये, आपको रु. 1 लाख का भुगतान कॉलेज को करना है। मार्जिन 5% है , तो रु. 5,000/- आप अपने बचत खाते में जमा करेंगे ।

कॉलेज को भुगतान करने के लिए बैंक रु.5,000/- आपके बचत खाते से लेगा। रु. 95,000/- आपके लोन खाते में नामे/ उधार (डेबिट)  लिखे जाएंगे । इस तरह, पूरे एक लाख का भुगतान कॉलेज को कर दिया जाएगा । मार्जिन की शर्तों के विषय में ऊपर लिखा गया है।

एजुकेशन लोन की वापसी कब करनी होगी ?

(When Education Loan to be repaid ) ?

Education/ Student Loan प्राप्त करने की प्रक्रिया जान लेने के बाद यह जानना भी जरूरी है कि उसे कब लौटाना है । तो आइए, जानते हैं-

• ऋण की वापसी कोर्स पूरा होने के एक साल बाद या नौकरी मिलने के 6 महीने बाद, इनमें जो भी अवसर पहले आए, तब से प्रारम्भ होगी।

• ऋण की वापसी प्रारम्भ होने के बाद से 15 वर्षों के भीतर, सम्पूर्ण ऋण चुकता होना चाहिए । (पाठ्यक्रम की अवधि + 1 वर्ष + 15 वर्ष)।

• यदि उच्च अध्ययन के लिए दूसरा ऋण भी लिया गया है, तो दूसरे पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद 15 वर्षों में दोनों ऋणों को चुकाना होगा ।

एजुकेशन लोन की किश्त की गणना :

(Calculation of EMI in an Education Loan ):

• अध्ययन की अवधि और अधिस्थगन (Moratorium) अवधि के लिए संचित ब्याज मूलधन में जोड़ा जाता है। इसके बाद , चुकौती समतुल्य मासिक किस्तों (ईएमआई) में तय की जाती है।

• यदि पुनर्भुगतान शुरू होने से पहले पूर्ण ब्याज जमा कर दिया जाता है; तब  केवल मूल राशि के आधार पर ईएमआई तय की जाती है।

एजुकेशन लोन की अन्य शर्तें :

(Other Conditions in an Education Loan ):

अनेक बार यह प्रश्न पूंछा जाता है कि क्या Education/ Student Loan में पूरे कोर्स की फीस बैंक एक साथ दे देता है ? क्या यह ऋण राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है ? यहाँ मैं यह बताना चाहूँगा कि ऐसा बिलकुल भी नहीं है।

  • ऋण राशि का भुगतान कॉलेज के मांग पत्र के आधार पर वार्षिक या सेमिस्टर आधार पर किया जाता है। फीस का भुगतान सीधे कॉलेज को किया जाता है । लैपटाप, पुस्तकें आदि सप्लाइ करने वाली फ़र्म को भुगतान सीधे डिमांड ड्राफ्ट/ डिजिटल माध्यम से किया जाता है।

• अगले संवितरण का लाभ उठाने से पहले पिछले वर्ष / सेमेस्टर की मार्कशीट प्रस्तुत करनी होती है ।

  • यदि विद्यार्थी अथवा उनके माता-पिता के संपर्क जैसे पते, ईमेल , फोन या मोबाइल नंबर आदि में कोई परिवर्तन होता है, तो उन्हें इसकी सूचना बैंक को तुरंत देनी चाहिए।

• छात्र / अभिभावक, पाठ्यक्रम के परिवर्तन / पढ़ाई पूरी करने / कॉलेज / संस्थान द्वारा फीस के किसी भी वापसी / सफल प्लेसमेंट / नौकरी की छूट / नौकरी के परिवर्तन आदि के बारे में तुरंत शाखा को सूचित करें।

• छात्र एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा विकसित विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

एजुकेशन लोन में टैक्स लाभ :

Tax Benefits in an Education/ Student Loan:

Education/ Student Loan कैसे प्राप्त करें , केवल यह जानना पर्याप्त नहीं है । इससे संबन्धित टैक्स नियमों को भी जानना चाहिए।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80-E के तहत शिक्षा ऋण पर दिए गए ब्याज (Interest ) पर कर लाभ उपलब्ध है।

कटौती राशि की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

कटौती का लाभ अधिकतम 8 वर्षों के लिए या ब्याज का भुगतान होने तक, जो भी पहले हो, के लिए उपलब्ध है।

यह कर-लाभ तब भी लागू होता है, जब आपने अपने जीवनसाथी, बच्चों या किसी ऐसे छात्र के लिए शिक्षा ऋण लिया हो, जिसके आप कानूनी अभिभावक हैं।

एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कैसे करें?

(How to Apply for an Education/ Student Loan )?

Education/ Student Loan प्राप्त करने के लिए छात्र अपने स्थायी निवास से नजदीकी बैंक-शाखा में जा सकते हैं। वे vidyalakshmi पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची :

(List of necessary Documents):

  • ऋण-स्वीकृति से पूर्व (At Pre-sanction Level )
  • पूरी तरह से भरा हुआ आवेदन पत्र
  • नवीनतम फोटो (हस्ताक्षरित)
  • फीस ब्रेक-अप के साथ शैक्षणिक संस्थान का एड्मिशन पत्र
  • SSC, HSC, ग्रेजुएशन मार्कशीट
  • केवाईसी, आयु प्रमाण, हस्ताक्षर प्रमाण, पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण

आय दस्तावेज-

आय संबंधी साक्ष्य के विषय में दस्तावेजों की यह सूची केवल सांकेतिक है । यह सूची प्रत्येक बैंक में भिन्न हो सकती है।

(माता-पिता / अभिभावक / गारंटर के लिए)

वेतनभोगियों के लिए

  • नवीनतम 2 वेतनपर्ची या फॉर्म 16 विवरण
  • वेतन खाते का नवीनतम 6 महीने का बैंक विवरण।

स्व-नियोजित व्यक्तियों के लिए

  • पिछले 2 साल की आय की गणना के साथ आईटीआर
  • पिछले 2 साल की बैलेंस शीट का ऑडिट किया गया
  • अंतिम 6 महीने बैंक स्टेटमेंट
  • कारोबार का प्रमाण (नवीनतम बिक्री / जीएसटी रिटर्न)

  प्रोफेशनल व्यक्तियों के लिए

  • पिछले 2 साल की आय की गणना के साथ आईटीआर
  • पिछले 2 वर्षों की ऑडिट बैलेंस शीट / पी एंड एल
  • पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट
  • व्यावसायिक योग्यता का प्रमाण

निष्कर्ष (Conclusion):

Education/ Student Loan स्कीम का मूल उद्देश्य यह है कि कोई भी योग्य छात्र, धन की कमी के कारण उपयुक्त शिक्षा प्राप्त करने से बंचित न रहे। छात्रों और उनके माता-पिता को मेरी सलाह होगी कि वे अपनी पात्रता की जाँच करें और जिस कॉलेज या संस्था या विश्वविद्यालय में प्रवेश चाहते हैं , उसका पूर्व रिकॉर्ड जांच लें।

यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे जिस कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, उसका रोजगार के बाज़ार में क्या वैल्यू है।

मुझे आशा है कि अब तक विद्यार्थी यह समझ गए होंगे कि Education/ Student Loan कैसे प्राप्त कर सकते हैं । कोई भी संदेह या दुविधा होने पर , उन्हें स्पष्टता के लिए निकटतम बैंक-शाखा से संपर्क करना चाहिए।

और अंत में, मेरे बैंकर मित्रों से एक निवेदन –  Education/ Student Loan के विषय में किसी अन्य वित्त की तरह ही व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। वास्तव में, यह राष्ट्र-निर्माण में उनका योगदान है। बेंजामिन फ्रैंकलिन ने एक बार कहा था, “ज्ञान में निवेश सर्वोत्तम ब्याज का भुगतान करता है।

एक महत्वपूर्ण बात और कि विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है , इस आधार पर Education/ Student Loan आवेदन को नामंजूर करना सही नहीं है । इस विषय में केरल हाइकोर्ट के निर्णय का संदर्भ लेना उचित होगा।

‘Education/ Student Loan कैसे प्राप्त करें’, स्पष्ट करने में अगर हमारा प्रयास सफल रहा है, तो LIKE कर हमारा उत्साहबर्धन करें। जरूरतमन्द विद्यार्थियों को WhatsApp पर शेयर कर आप उनकी सहायता कर सकते हैं । अपने सुझाव और प्रश्न कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं । यह आलेख मेरे अँग्रेजी ब्लॉग सफल-निवेश पर भी उपलब्ध है ।