What are 10 important things about Credit Score?
आज हम जानेंगे कि क्रेडिट स्कोर (Credit Score) के विषय में 10 महत्वपूर्ण बातें क्या हैं । हम यह भी जानेंगे कि आखिर बैंक/ क्रेडिटकार्ड कंपनियाँ, क्रेडिट स्कोर को महत्व क्यूँ देती हैं ।
इस आलेख में हम क्रम से निम्नलिखित बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे :
- क्रेडिट स्कोर क्या होता है?
- क्रेडिट स्कोर की उपयोगिता क्या है ?
- क्रेडिट स्कोर का रखरखाव कौन करता है ?
- सिबिल क्या है?
- क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर में क्या अंतर है?
- क्रेडिट स्कोर को कौन सी चीजें प्रभावित करती हैं?
- कितना क्रेडिट स्कोर अच्छा?
- क्रेडिट स्कोर कैसे सुधारें?
- अपना क्रेडिट स्कोर कैसे प्राप्त करें?
- क्रेडिट रिपोर्ट में गलती को कैसे सुधारें?
इन और ऐसे ही अन्य प्रश्नों के उत्तर तलाश करने की कोशिश हम इस आलेख में करेंगे ।
क्रेडिट स्कोर क्या होता है (What’s a Credit Score)?
सर्वप्रथम, यह जानते हैं कि क्रेडिट स्कोर क्या होता है। साथ ही बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं को इससे क्या लाभ है।
क्रेडिट स्कोर की तुलना डॉक्टर द्वारा नब्ज देखने या ब्लड प्रेशर चेक करने से की जा सकती है।
क्रेडिट स्कोर आपकी वित्तीय स्थिति का सूचकांक है। इससे ऋणदाता बैंक को आपके वित्तीय अनुशासन का पता चलता है।
क्रेडिट स्कोर 3 अंकों की एक संख्या है,जो 300 से 900 के मध्य होती है। स्कोर जितना अधिक हो, अच्छा है।
यदि किन्हीं कारणों से स्कोर अच्छा नहीं है , तो आगे बताए गए उपायों से आप अपनी क्रेडिट रेटिंग सुधार सकेंगे।
क्रेडिट स्कोर की उपयोगिता क्या है ?
(What is the use of Credit Score)
क्रेडिट रिपोर्ट/ स्कोर ऋणदाता और ऋणकर्ता दोनों के लिए उपयोगी है। आगे हम क्रेडिट स्कोर की उपयोगिता की चर्चा करेंगे।
बैंकों के लिए क्रेडिट स्कोर की उपयोगिता :
क्रेडिट रेटिंग का सबसे बड़ा लाभ बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं को मार्केटिंग में होता है । अच्छे Credit Score वाले व्यक्तियों तक वे स्वयं पहुँच कर उन्हें अपना प्रॉडक्ट खरीदने के लिए प्रेरित कर सकती हैं ।
क्रेडिट स्कोर से उन्हें यह पता लग जाता है कि आपको ऋण देने में कितना जोखिम या रिस्क है और उसके आधार पर वे आपको ऋण देने या न देने का मन बना सकते हैं । यदि ऋण देना है तो किस रेट पर।
कुछ कंपनियाँ स्कोर कम होने पर लोन देती हैं। ब्याज दर अधिक रहती है। इसे ‘रिस्क प्राइसिंग’ कहा जाता है।
क्रेडिट स्कोर कम होने पर वित्तीय संस्था का जोखिम अधिक होता है। इसलिए ब्याज दर भी ऊंची होती है। क्रेडिट स्कोर के जरिये ऋण प्रदाता कंपनी को अपने पोर्टफोलियो की रिस्क बैलेन्स करने में भी सुविधा होती है ।
कर्जदार के लिए क्रेडिट स्कोर की उपयोगिता :
आपका Credit Score आपको वित्तीय दृष्टि से सम्मान का अधिकारी बनाता है । आप कितने सम्मान के हकदार हैं , इसका निर्णय भी आपके अपने हाथ में है । वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए आप उच्च क्रेडिट स्कोर हासिल कर सकते हैं । इस प्रकार, अधिकारपूर्वक किफ़ायती ब्याज दर पर अच्छी क्रेडिट लिमिट प्राप्त करने के लिए अपने बैंक से मोलभाव कर सकते हैं ।
क्रेडिट स्कोर का रखरखाव कौन करता है?
Who maintains Credit Score?
Credit Score से संबन्धित जानकारी का रखरखाव क्रेडिट ब्यूरो द्वारा किया जाता है। हमारे देश में इस समय 4 क्रेडिट ब्योरो, व्यक्तियों से संबन्धित वित्तीय आंकड़ों का रखरखाव करते हैं । क्रेडिट ब्यूरो ही क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर प्रदान करते हैं।
इन क्रेडिट ब्यूरो के नाम हैं-
- सिबिल (CIBIL),
- एक्सपेरियन (Experian),
- एक्यूफैक्स (Equifax) और
- सीआरआईएफ़ हाइमार्क (CRIF Highmark)।
व्यक्तियों के विषय में सभी जरूरी जानकारी उन्हें अनेक स्रोतों से प्राप्त होती है । इनमें बैंक, वित्तीय संस्थान , क्रेडिट कार्ड कंपनी, मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर अथवा अन्य यूटिलिटि प्रदाता शामिल हैं । मांगे जाने पर क्रेडिट ब्यूरो संबधित व्यक्ति के विषय में क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर प्रदान करते हैं। उपर्युक्त चारों कंपनियाँ व्यक्तियों से संबंधी आर्थिक जानकारी रखती हैं । ‘सिबिल’ इनमें सबसे अधिक प्रचलित नाम है । आगे हम जानेंगे कि सिबिल क्या है ।
सिबिल क्या है What is CIBIL ?
CIBIL का पूरा नाम क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड है। CIBIL की स्थापना वर्ष 2000 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्थापित सिद्दीकी कमेटी की सिफ़ारिशों के आधार पर की गई । वर्ष 2017 में ट्रांसयूनियन जो एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, द्वारा सिबिल में 92.1% की हिस्सेदारी खरीद ली गयी। इसके कारण कंपनी का नाम बदलकर ट्रांस यूनियन सिबिल कर दिया गया ।
सिबिल , देश की सर्वाधिक लोकप्रिय क्रेडिट रेटिंग कंपनी है । देश में 79% लोन और क्रेडिट कार्ड, अच्छे सिबिल स्कोर के आधार पर स्वीकृत किए जाते हैं।
इस समय सिबिल के पास लगभग 10 करोड़ लोगों और व्यापारिक संस्थानों का रिकॉर्ड उपलब्ध है। इस जानकारी का उपयोग 5000 से अधिक बैंकों, एनबीएफ़सी, क्रेडिट कार्ड और हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनियों द्वारा किया जाता है ।
क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर में क्या अंतर है?
Difference between Credit Score & CIBIL Score:
‘सिबिल’ एक क्रेडिट रेटिंग कंपनी है। तीन अन्य कंपनियाँ भी इस कारोबार में है। यह सभी कंपनियाँ क्रेडिट स्कोर जारी करती हैं।
अधिकांश उधारदाता सिबिल स्कोर का प्रयोग करते हैं। इसीलिए क्रेडिट स्कोर को सिबिल स्कोर के पर्यायबाची के रूप में प्रयोग कर लिया जाता है। वास्तव में, सिबिल स्कोर भी अन्य कंपनियों द्वारा जारी स्कोर की तरह एक क्रेडिट स्कोर ही है।
क्रेडिट स्कोर को कौन सी चीजें प्रभावित करती हैं?
What impacts your Credit Score ?
पेमेंट हिस्ट्री (Payment History):
आपके क्रेडिट स्कोर को यदि कोई चीज सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, तो वह है आपकी पेमेंट हिस्ट्री। सभी बिलों का भुगतान समय पर करने से आपकी क्रेडिट रेटिंग बहुत अच्छी होगी।
इनमें क्रेडिट कार्ड बिल , बिजली और टेलीफ़ोन / मोबाइल का बिल, लोन की किश्तों आदि का भुगतान शामिल है । परिणाम यह होगा कि ऋण प्रदाता लोन का चेक लेकर आपके पीछे –पीछे आएंगे।
इसलिए हमेशा अपने सभी बिलों का भुगतान समय पर यानि ड्यू डेट से पहले करें ।
स्वीकृत सीमा की तुलना में प्रयुक्त क्रेडिट की मात्रा:
Limit used out of your sanctioned Limit :
प्रायः क्रेडिटकार्ड लिमिट का लगभग 30% उपभोग अच्छा माना जाता है। आवश्यकता अधिक होनेपर अपनी क्रेडिट लिमिट बढ़वा लें । इससे आपके लिमिट उपभोग का प्रतिशत कम हो जाएगा।
क्रेडिट कार्ड की बकाया (Credit Card dues):
क्रेडिट कार्ड की ओवरड्यू आपके क्रेडिट स्कोर पर सबसे अधिक प्रभाव डालती है।
ड्यू डेट से पहले अपने क्रेडिट कार्ड बिल की सम्पूर्ण बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करें ।
यदि पूरी राशि चुकाना संभव नहीं है , न्यूनतम राशि का भुगतान हर हालत में ड्यू डेट से पहले करें ।
ओवरड्यू राशि के भुगतान के लिए अगला बिल आने की प्रतीक्षा न करें। जब-जब आपके पास पैसा आता जाए , उसे क्रेडिट कार्ड कंपनी को अदा करते रहें । ऐसा इसलिए कि क्रेडिट कार्ड कंपनी के ब्याज की दर काफी अधिक होती है।
पुराना क्रेडिट कार्ड (Old Credit Card):
मान लीजिये कि आप पिछले 10 वर्षों से एक क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहे हैं। आपका पेमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छा है । ऐसे में होता यह है कि अन्य क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ आपके पीछे दौड़ती है। और अधिक लिमिट का लालच देकर आपको क्रेडिट कार्ड पकड़ा देती हैं।
धीरे-धीरे आप क्रेडिट अनुशासन को भूल जाते हैं। अपनी सीमा से अधिक खर्च करने लगते हैं। इससे क्रेडिट कार्ड कंपनी की कमाई बढ़ती है।
नया क्रेडिट कार्ड स्वीकार करने पर भी अपने पुराने कार्ड को बंद न करें । इसका लाभ यह है कि क्रेडिट ब्यूरो के पास आपका लम्बा क्रेडिट इतिहास उपलब्ध होगा।
ऋणों पर नियंत्रण (Control on Debts ):
एक साथ सारे ऋणों को लेने को न दौड़ें । अपनी प्राथमिकता के अनुसार ही ऋण लें ।
आजकल नव-दम्पतियों में यह बात बहुत आम हो रही है कि वे एक साथ अंधाधुंध कर्ज उठा रहे हैं। कार , मकान और घूमने-फिरने के शौक पूरे करने के लिए ईएमआई के बोझ तले दबते जा रहे हैं । डिफ़ाल्ट होते ही बैंकों और फ़ाइनेंस कंपनियों के आदमी वसूली के लिए परेशान करना शुरू कर देते हैं ।
पुराना लोन चुकाने के लिए लोग नया लोन लेते हैं। यहाँ तक कि लोन पर लोन यानि टॉप अप लोन लेते हैं । इस तरह कर्जों के चक्रव्यूह में फँसते चले जाते हैं।
यह सब चीजें क्रेडिट स्कोर पर गलत प्रभाव डालती हैं।
बार-बार क्रेडिट स्कोर का पता लगाना:
( Frequent enquiries about Credit Score ):
यदि बार-बार बैंक अथवा क्रेडिट कार्ड कंपनी आपका क्रेडिट स्कोर चेक करती हैं , तो यह आपकी रेटिंग खराब करता है। ऐसा लगता है कि आपको लोन की बहुत जरूरत है । यह भी कि आप किसी भी प्रकार से लोन लेने को उताबले हो रहे हैं।
इसलिए जल्दी -जल्दी किसी ऋण / क्रेडिट कार्ड के लिए संपर्क न करें । इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है
कितना क्रेडिट स्कोर अच्छा ?
How much Credit Score is good ?
प्रायः क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। स्कोर 900 के जितना निकट हो , उतना अच्छा है।
हाँ , 700 से ऊपर स्कोर रहने पर लोन मंजूर होने की संभावना बनी रहती है। फिनटेक कंपनियों और Peer 2 Peer प्लैटफ़ार्म के आने से अब कम स्कोर पर भी ऋण मिलने लगा है।
क्रेडिट स्कोर कैसे सुधारें ?
How to improve your Credit Score ?
सिबिल के अनुसार, आप एक अच्छा क्रेडिट इतिहास बनाकर अपने सिबिल स्कोर में सुधार कर सकते हैं । यह उधारदाताओं द्वारा ऋण स्वीकृति के लिए आवश्यक है। निम्नलिखित उपाय आपके स्कोर को बेहतर बनाने में मदद करेंगे:
1. हमेशा अपने बकाया का भुगतान समय पर करें। देर से भुगतान उधारदाताओं द्वारा नकारात्मक रूप से देखा जाता है।
2. अपनी बकाया राशि कम रखें। बहुत अधिक क्रेडिट का उपयोग न करने के लिए हमेशा विवेकपूर्ण रहें, अपने उपयोग को नियंत्रित करें।
3. एक स्वस्थ क्रेडिट मिश्रण बनाए रखें। सुरक्षित (जैसे गृह ऋण, ऑटो ऋण) और असुरक्षित ऋण (जैसे पर्सनल लोन , क्रेडिट कार्ड) का संतुलित मिश्रण रखना बेहतर है। बहुत सारे असुरक्षित ऋणों को नकारात्मक रूप से देखा जा सकता है।
4. नए-नए ऋणों के आवेदन से बचें। ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आप लगातार अत्यधिक ऋण मांग रहे हैं। नए क्रेडिट के लिए सावधानी से आवेदन करें।
5. यदि आप किसी खाते में सह-ऋणी अथवा गारंटीकर्ता हैं , तो सतर्क रहिए । ऐसे खातों की निगरानी नियमित रूप से करें। यह देखें कि किसी खाते में डिफ़ाल्ट तो नहीं हो रहा है। याद रखें कि आपका उत्तरदायित्व मुख्य कर्जदार से कम नहीं है। संभव है कि आवश्यकता के समय आपको बैंक में असुविधा का सामना करना पड़े ।
6. वर्ष भर अपने क्रेडिट इतिहास की बार-बार स्वयं समीक्षा करें। भविष्य में, ऋण आवेदन के अस्वीकृत होने से बचने के लिए अपने सिबिल स्कोर की निगरानी करें । साथ ही आवश्यक सुधारात्मक कदम उचित समय पर उठाएँ।
अपना क्रेडिट स्कोर कैसे प्राप्त करें ?
How to get your Credit Score ?
वर्ष में एक बार आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट ब्यूरो से मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं। अधिक बार रिपोर्ट प्राप्त करनी हो, तो सदस्यता लेनी होगी। सदस्यता शुल्क एक माह के लिए रु. 550, 6 माह के लिए रु.800/- और एक वर्ष के लिए रु. 1200/- होता है । यहाँ क्लिक कर आप सिबिल से अपनी मुफ्त रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं ।
क्रेडिट रिपोर्ट में गलती को कैसे सुधारें ?
How to get an error corrected in Credit Report ?
कभी-कभी ऐसा लगता है कि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कहीं कोई गलती हुई है । ऐसा भी संभव है कि आप ऋणप्रदाता अथवा क्रेडिट कार्ड कंपनी की मांग से सहमत नहीं हों।
ऐसी स्थिति में, आप सिबिल की साइट पर जाकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं ।
आप ऑनलाइन विवाद फॉर्म भर सकते हैं। किसी भी कॉलम के विषय में आपत्ति आप एक ही विवाद में दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक आपत्ति के लिए अलग-अलग शिकायत करने की आवश्यकता नहीं है ।
एक बार विवाद दर्ज हो जाने पर, सिबिल आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर Under dispute लिखकर चिह्नित कर देगा।
क्रेडिट संस्था से आपकी आपत्ति के विषय में जवाब प्राप्त होने के बाद रेटिंग /स्कोर में सुधार किया जाता है। इस प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगता है।
तो Credit Score के विषय में 10 महत्वपूर्ण बातें क्या हैं, आज हमने जाना। यदि यह जानकारी आपको पसंद आई , तो Like और शेयर कर हमारा उत्साह बढ़ाइए ।
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What is a Credit Score and How to Improve It ?
