जब कोई निवेशक बैंक, म्यूचुअल फ़ंड और बीमा आदि में अपना धन जमा करता है, तब स्वाभाविक रूप से उसके मन में यह प्रश्न उपस्थित होता है कि उसके न रहने पर उसके निवेश का क्या होगा। वह यह भी चाहता है कि उसके परिवार को पैसा निकालने के समय कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस समस्या का समाधान है कि निवेश खाते में नामांकन करें और अपने परिजनों को संभावित परेशानियों से बचाएं।

नामांकन क्या है ?
नामांकन का सीधा और सरल अर्थ है; ‘नाम डालना’। यहाँ इस लेख में हम निवेश में नामांकन की चर्चा कर रहे हैं। वैसे, अन्य संदर्भों जैसे चुनाव आदि में नामांकन के लिए भी इस शब्द का प्रयोग होता है, लेकिन वह एक अलग विषय है।
नामांकन किसके पक्ष में किया जा सकता है?
- कोई भी निवेशक अपनी पसंद के व्यक्ति(यों), के पक्ष में नामांकन कर सकता है।
- अवयस्क के पक्ष में भी नामांकन कर सकते हैं।
- नावालिग व्यक्ति अर्थात जिसकी आयु 18 वर्ष से कम है, के पक्ष में नामांकन करते समय उसके संरक्षक का नाम डालना आवश्यक है।
बैंक खाते में नामांकन

बैंक केवल एक व्यक्ति के पक्ष में ही नामांकन की सुविधा देते हैं। बैंक निवेशक यदि एक से अधिक आश्रितों के पक्ष में भी नामांकन करना चाहते हैं, तो इसका सबसे सरल उपाय यह है कि वह स्वयं ही अपनी कुल जमाराशि को अपनी जरूरत के अनुसार 2,3 या अधिक भागों मे बाँट कर उनकी अलग-अलग फ़िक्स्ड डिपॉज़िट रसीद बनाए और प्रत्येक डिपॉज़िट रसीद में अलग-अलग आश्रितों को नामांकित कर दें।
म्यूचुअल फ़ंड में नामांकन
म्यूचुअल फ़ंड में भी नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। म्यूचुअल फ़ंड में आप अधिकतम 3 व्यक्तियों के पक्ष में नामांकन कर, उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित कर सकते हैं, जो कुल मिलाकर 100% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
जीवन बीमा में नामांकन
जीवन बीमा की धारणा ही नामांकन पर आधिरित है। अतः यदि यह कहा जाए कि जीवन बीमा में यह सुविधा सबसे पुरानी है, तो गलत नहीं होगा। जीवन बीमा में एक से अधिक व्यक्तियों के पक्ष में नामांकन की सुविधा उपलब्ध है। यदि बीमित व्यक्ति यह चाहता है कि उसकी मृत्यु के बाद बीमा- राशि उसके सभी आश्रितों में समान रूप से वितरित की जाए, तो वह ऐसा कर सकता है।

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जनरल इन्शुरेंस में नामांकन:
सामान्य बीमा जैसे मेडीक्लेम और बाहन बीमा में भी नामांकन की सुविधा दी जाती है। इलाज के दौरान अथवा सड़क दुर्घटना आदि में बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर क्लेम की राशि का नामित व्यक्ति को भुगतान करने में आसानी होती है, जिससे परिजनों को अनावश्यक भागदौड़ से बचाया जा सकता है।
नामांकित व्यक्ति की कानूनी हैसियत

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अनेक अदालतों द्वारा दिये गए निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि नामांकित व्यक्ति की भूमिका केवल एक ट्रस्टी की है और वह उस राशि का वास्तविक स्वामी नहीं है। यह उसका दायित्व है कि वह मृतक निवेशक की राशि बैंक अथवा वित्तीय संस्था से प्राप्त कर उसके कानूनी वारिसों में वितरित करे।
नामांकित व्यक्ति को भुगतान की प्रक्रिया
निवेशक की मृत्यु की स्थिति में नामांकित व्यक्ति को निर्धारित क्लेम फॉर्म भरकर संबन्धित बैंक की शाखा, अथवा म्यूचुअल फ़ंड / बीमा कंपनी के कार्यालय में जमा कर देना चाहिए। फॉर्म के साथ खातेदार का मृत्यु प्रमाणपत्र , अपने केवाईसी और अन्य आवश्यक डॉक्युमेंट्स लगाना आवश्यक है। फॉर्म सभी तरह से पूर्ण होने पर संबन्धित संस्थान द्वारा निवेश की राशि नामांकित व्यक्ति के खाते में ट्रान्सफर कर दी जाती है।
इसी प्रकार बैंक लॉकर, डिमैट और शेयर ट्रेडिंग खाते में भी नामांकन की सुविधा उपलब्ध रहती है। तो देर किस बात की? यदि आपने अभी तक नामांकन नहीं किया है, तो आज ही नामांकन कर अपने परिजनों के जीवन को आसान बनाएं।
