फर्जी सप्लाइ बिलों के माध्यम से जीएसटी की चोरी रोकने के लिए सरकार द्वारा अब बेहद कड़े कदम उठाए गए हैं। एक गज़ट अधिसूचना जारी कर सरकार ने अब जीएसटी नेटवर्क और प्रवर्तन निदेशालय के मध्य धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के अंतर्गत सूचनाओं के आदान-प्रदान को सम्भव बना दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, पीएमएलए की धारा 66(1)(iii) के तहत अब ईडी और जीएसटीएन के बीच जानकारी साझा की जा सकेगी। इससे जीएसटी प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन की जांच करने के लिए ईडी और जीएसटीएन के बीच जानकारी या सामग्री साझा करने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। ध्यान रहे कि पीएमएलए को आतंकी फंडिंग और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए लाया गया था। सीबीआईसी के अध्यक्ष विवेक जौहरी ने पिछले महीने कहा था कि सरकार फर्जी बिलिंग और फर्जी चालान की प्रथा पर अंकुश लगाने और फर्जी व्यवसायों की पहचान करने के प्रति गंभीर है।
