अपने वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आजकल लोग म्यूचुअल फंड में निवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं. ‘सिप’  के जरिये निवेश करने वालों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है.

यदि आपने अभी तक म्यूचुअल  फंड  में निवेश नहीं किया है और पहली बार निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो सकती है.  

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म्यूचुअल फंड में निवेश से पूर्व लक्ष्य निर्धारित करें !

निवेश प्रारम्भ करने से पूर्व अपना  उद्देश्य पहचानें और तदनुसार लक्ष्य निर्धारित  करें.

बच्चों की शिक्षा , विवाह , रिटायरमेंट प्लानिंग और दीर्घ काल में एक बड़ी रकम जमा करना आदि कुछ उद्देश्य हो सकते हैं. 

आपके उद्देश्य  की वर्तमान कीमत पर महंगाई दर को जोड़कर  भविष्य की कीमत निकालें और उसे अपना वित्तीय लक्ष्य   मानकर निवेश की रणनीति बनाएं .

इसे एक उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिये आपके बेटे या बेटी की आयु 1  वर्ष है।  आप उसे डॉक्टर बनाना चाहते हैं. 

डॉक्टरी की पढ़ाई का खर्च आज की तारीख में रु. 25  लाख है। महंगाई 6 % की दर से बढ़ रही है. 20  वर्ष के बाद अपनी संतान को डॉक्टर बनाने के लिए आपको रु. 8 0  लाख से अधिक की आवश्यकता होगी. 

इस वित्तीय  लक्ष्य को प्राप्त करने  के लिए आपको निवेश रणनीति बनानी होगी. 

म्यूचुअल फंड में निवेश से पूर्व अपनी जोखिम क्षमता को पहचानें!

आपने अनेक बार सुना और पढ़ा होगा कि  म्यूच्यूअल फंड  में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है.

इसका अर्थ यह है कि म्यूचुअल फंड  में निवेश पर किसी निश्चित रिटर्न की  गारंटी नहीं दी जा सकती है .

बाजार के उतार-चढाव , पोर्टफोलियो के बाजार मूल्य को प्रभावित  करते हैं.

उदाहरण के लिए  प्रायः  12 % की दर से रिटर्न  की गणना की जाती है , लेकिन वास्तविक रिटर्न इससे कम अथवा अधिक भी हो सकती है. 

जोखिम क्षमता के अनुसार म्यूचुअल फंड  का चयन करें  !

आम तौर पर लोग यह मानते हैं कि  म्यूच्यूअल फंड केवल शेयर बाजार में निवेश करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है.

बाजार में इक्विटी फण्ड के अलावा, डेब्ट फंड, बैलेंस्ड फंड,  गिल्ट फंड , लिक्विड, सेक्टोरल अथवा थीमेटिक फंड , कमोडिटी , ओवरसीज और फंड  ऑफ़ फंड  आदि भी उपलब्ध हैं. 

इन  सभी फंड में जोखिम की मात्रा भिन्न होती है. अतः, अपनी जरूरतों और जोखिम क्षमता के अनुसार आपको अपने फंड का चयन करना चाहिए.  

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मार्केट  कैप  के आधार पर म्यूचुअल फंड का चयन-

मार्केट  कैप के आधार पर बाजार में 3 प्रकार के म्यूचुअल फंड उपलब्ध है. 

सबसे पहले लार्ज कैप फंड  जो मार्केट कैप के आधार पर बाजार की टॉप 100 कंपनियों में निवेश करते हैं. 

इन्हें अन्य फंड की तुलना में अधिक स्थिर माना  जाता है. 

मिड कैप फंड मार्केट  कैप के आधार पर 101  से लेकर 250 तक आने वाली कंपनियों में निवेश करते है.

इन कंपनियों में आगे जाकर लार्ज कैप बनने की संभावनाएं रहती है. 

मार्किट कैप के आधार पर तीसरी श्रेणी स्माल कैप फंड  की है , जो 251  और उसके बाद आने वाली कंपनियों में निवेश करते हैं.

इनमें जोखिम लार्ज और मिड कैप फंड से अधिक माना  जाता है. लेकिन , अधिक रिटर्न मिलने की सम्भावना रहती है. 

मार्किट कैप के आधार पर निवेश के लिए दो  अन्य म्यूचुअल फंड्स  काफी लोकप्रिय हैं  , जिन्हें  फ्लेक्सी कैप और मल्टी  कैप फंड नाम से जाना जाता है. 

सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करें !

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए ‘सिप’ एक लोकप्रिय माध्यम है.

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए ‘सिप’ एक लोकप्रिय माध्यम है. 

यह अंग्रेजी के ‘सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान’ का संक्षिप्त रूप है. 

इसमें   एक निश्चित धनराशि एक निश्चित तारीख को आपके बैंक खाते से  म्यूचुअल फंड  में ट्रांसफर कर दी जाती है.

सिप की कुछ विशेषताएं , इस प्रकार हैं-

  • सिप से  आपको ‘निवेश करना भूल गए’ , जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है और वित्तीय अनुशासन बना रहता है.  
  • ‘ऑटो डेबिट’ होने के कारण आपको पता भी नहीं चलता और आपकी छोटी-छोटी धनराशि बड़ी रकम में बदल जाती है. 
  • जब बाजार गिरता है, तो उतनी ही राशि में आपको अधिक यूनिट मिलते हैं।
  • बढ़ते हुए बाजार में आपको यूनिट कम  मिलते हैं, लेकिन आपके पोर्टफोलियो का कुल मूल्य बढ़ता है. 
  • सिप के जरिये आपकी औसत खरीद कीमत कम आती है.  

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म्यूचुअल फंड में निवेश के टिप्स :

निवेश प्रारंभ करने के लिए बाजार के गिरने का इंतजार न करें.

ऐसा कहा जाता है  कि निवेश का सर्वश्रेष्ठ  समय कल था  और दूसरा श्रेष्ठ समय आज है. 

  • निवेश में चक्रवृद्धि ब्याज (कम्पाउंडिंग) का सिद्धांत काम करता है. 
  • चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति को पहचानिए . अतः, जितनी जल्दी निवेश प्रारम्भ करें, वह बेहतर है. 
  • लम्बे समय के लिए निवेश करें। यह समय आपकी जरुरत के अनुसार कम या अधिक हो सकता है.
  • उदाहरण के लिए, यदि आप अपनी बाइक अथवा कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपकी निवेश अवधि 3  से 5 वर्ष हो सकती है।
  • घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट की रकम एकत्र करनी है, तो 5  से 8 वर्ष पर्याप्त हैं. 
  • रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए कम  से कम  25 – 30  वर्ष तक निवेश करने की तैयारी रखनी  चाहिये.  
  • एक वर्ष से पहले निवेश निकालने से बचें. अधिकांश फंड  1  वर्ष से पूर्व धन-निकासी पर ‘एग्जिट लोड’ वसूल करते हैं. 
  • बाजार के उतार-चढाव से घबराएं नहीं, यह बाजार की प्रकृति है. 
  • एक धारणा  यह है कि  म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए बहुत बड़ी रकम की आवश्यकता  होती है , लेकिन यह सच नहीं है. 
  • आज अनेक फण्ड ऐसे हैं, जिनमें आप मात्र रु. 100 से निवेश प्रारम्भ कर सकते हैं. 

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें ?

यदि आप पूंजी बाजार की समझ रखते हैं,  तो आप फंड हाउस की वेबसाइट पर जाकर स्वयं  निवेश कर सकते हैं .

लेकिन, यदि बाजार में नए हैं, तो किसी वित्तीय सलाहकार अथवा म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर की सेवा लेना अच्छा है.

निवेश करने के लिए अपना पैन कार्ड , एड्रेस प्रूफ अथवा आधार कार्ड का प्रमाण और बैंक खाते का कैंसिल किया हुआ चेक तैयार रखें.  

मेरा यह लेख दैनिक भास्कर ‘मधुरिमा’ में 10.09.2025 को प्रकाशित हुआ है। संपादक महोदय का आभार।

2 responses to “म्यूचुअल फंड में निवेश, वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है”

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