Site icon क्रेडिट भारती Credit Bharti

Bad Bank क्या होता है और कैसे काम करता है?

What is a Bad Bank & How it works?

Decorative image of a bank courtesy: iStockphoto.com

‘Bad Bank’ क्या होता है ? इसका उत्तर है कि यह एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) होती है। यह ऋण समाधान के लिए बैंकों और अन्य ऋण प्रदाता संस्थाओं के Stressed Assets खरीदती है।

यह प्रक्रिया बैंकों और वित्तीय संस्थानों की बैलेंस शीट सुधारने में मददगार होती है । बैंकों को नए व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है । तो फिर, इसे बैड बैंक क्यों कहा जाता है? आज हम जानेंगे कि Bad Bank क्या होता है? हम यह भी जानेंगे कि Bad Bank कैसे काम करता है?

Stressed Assets क्या होते हैं ?

दबावग्रस्त आस्तियों (Stressed Assets) में एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स), रिस्ट्रक्चर्ड एसेट्स और राइट-ऑफ अकाउंट भी शामिल होते हैं । मानक श्रेणी में कुछ खाते ऐसे हैं जो पूर्व चेतावनी संकेत (Early warning signals)  दिखा रहे हैं। इन खातों को विशेष उल्लेखित खाते (एसएमए) कहा जाता है।

एसएमए खाते क्या होते हैं :
(What are SMA Accounts)

जब कोई खाता मूलधन या ब्याज या किसी अन्य देय राशि के भुगतान के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से निम्नलिखित दिनों के लिए अतिदेय (Overdue) रहे, तब उसे Special Mention Accounts कहा जाता है । इसकी बिभिन्न श्रेणियाँ इस प्रकार हैं :

श्रेणी (Category)अतिदेय अवधि (Overdue Period)
एसएमए-001-30 दिन  
एसएमए-131-60 दिन  
एसएमए-261-90 दिन  
SMA Categories

एनपीए क्या होता है?

What is NPA ?

किसी भी ऋण खाते में मूल धन की किश्त और ब्याज की राशि का भुगतान समय पर होना आवश्यक है । यदि यह राशि समय पर चुकाई जाती है , तो ऐसे खातों को Standard Asset कहा जाता है।

एक बार जब कोई खाता मूलधन और/या ब्याज या किसी अन्य बकाया के आंशिक या पूर्ण भुगतान के लिए 90 दिन से अधिक अतिदेय रहता है, तो यह एनपीए (NPA) बन जाता है।

एनपीए को तीन प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। इन्हें Sub-standard , Bad & Doubtful और Loss Assets कहते हैं । यह वर्गीकरण प्रत्येक एनपीए खाते के लिए उनकी उम्र ( एनपीए होने की तिथि से), गिरवी संपत्ति के मूल्य / वसूली योग्य प्रतिभूति के आधार पर किया जाता है।

ऋण खाते के एनपीए में बदलने का प्रभाव :
(Impact of a Loan Account turning NPA )

बैंक ऋण खाते में ब्याज नामे (Debit) नहीं कर सकते। इसके अलावा ऐसे एनपीए के लिए हर साल अपनी बहियों में प्राविधान (Provision) करना होता है । यह चालू वर्ष के मुनाफे को खा जाता है। इसलिए एनपीए को दोधारी तलवार कहा जाता है।

NPA, बैंकों के घाटे का प्रमुख कारण है।
(NPA is the major reason of Banks’ NPA ):

जब बैंकों के पास प्राविधान करने के लिए पर्याप्त लाभ नहीं होता है, तो वे घाटे में चले जाते हैं। अंततः बैंक प्रमोटरों को बाज़ार से पूंजी जुटानी पड़ती है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मामले में सरकार को नया पूंजी निवेश करना होता है। सरकार की कमाई का मुख्य स्रोत टैक्स होते हैं। इसलिए सरकार को करदाता की नाराजगी झेलनी पड़ती है।

कर्ज  देने के व्यवसाय को चालू रखने के लिए पूंजी जरूरी है ।  इसके अलावा, पूंजी पर्याप्तता (Capital Adequacy ) के विषय में भारतीय रिजर्व बैंक के भी मानक हैं। उन्हें पूरा करने के लिए भी पूंजी निवेश आवश्यक हो जाता है।

क्या सभी एनपीए Bad Bank को बेचे जाते हैं?
(Whether all NPAs are sold to Bad Bank )?

नहीं, बैंक सभी एनपीए को एआरसी या बैड बैंक को नहीं बेचते हैं। Sub-Standard  श्रेणी में, वसूली की संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है। प्राविधान भी कम दर पर किए जाते  हैं।

Loss Assets के मामले में, प्रतिभूति (Security) का मूल्य आम तौर पर शून्य या नाममात्र होता है। अतः, प्राविधान पूर्ण रूप से किए जाने होते हैं। ऐसे खातों में वसूली की संभावना बहुत कम होती है।

Bad & Doubtful Assets  के मामले में, प्रतिभूति (security) हो सकती है। यदि उसे आसानी से बेंचा नहीं जा सकता, तो फिर वसूली की संभावना कम हो जाती है। इसके लिए बहुत प्रयास, और कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता होती है। इसमें समय लगता है और पैसे की वर्बादी होती है ।

विशेषतः निर्दिष्ट खाते/SMA : (Special Mention Accounts)

SMA (Special Mention Accounts)  खाते वर्तमान में Standard Assets हैं। लेकिन कभी-कभी बैंकों या वित्तीय संस्थानों को लगता है कि भविष्य में मुश्किल हो सकती है। इस या कुछ अन्य कारणों से, बैंक खाते से बाहर निकलने का प्रयास करता है।

दूसरी ओर, कोई अन्य बैंक या उद्यमी हो सकता है जो इसमें निवेश करना चाहता है। वह यह मानता है कि वित्तीय रूप से या प्रबंधन में बदलाव के साथ यूनिट को सपोर्ट करें, तो खाता सुधर सकता है।

बैंक खुद वसूली क्यों नहीं करते:
(Why Banks do not recover themselves)?

बैंक सभी एनपीए खातों में वसूली के लिए प्रयास करते हैं। तथ्य यह है कि वसूली के हजारों मामले विभिन्न अदालतों में वर्षों से चल रहे हैं।

कई बार बैंक संपार्श्विक प्रतिभूतियों  ( Collateral Securities ) को बेचने के लिए SARFAESI अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करते हैं। जवाब में उधारकर्ता अदालत से स्थगन आदेश प्राप्त कर लेता है। कुछ मामलों में, जिला प्रशासन कानून और व्यवस्था के नाम पर प्रक्रिया को रोक देते हैं।

नतीजतन, एनपीए बैंकों के बहीखाते में जमा होते रहते हैं। बैंकर अदालती कार्यवाही में भाग लेने में व्यस्त रहते हैं। इससे नया कारोबार करने के लिए उन्हें मुश्किल से ही समय मिलता है।

क्या Bad Bank सफल हो पाएंगे?
(Whether Bad Bank will be a success)?

यह प्रत्येक मामले पर निर्भर करेगा कि बैड बैंक/ एआरसी वसूली करने में कितने सफल रहते हैं । ऐसा माना जाता है कि एआरसी या Bad Bank में रिकवरी प्रक्रिया से निपटने के लिए अधिकारियों और पेशेवरों की एक समर्पित टीम होगी। इससे वे वसूली के कार्य को अधिक सक्षमता से कर पाएंगे ।

दूसरी ओर, बैंकरों को नए व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

Bad Bank कैसे काम करता है ?

अभी तक हमने जाना कि Bad Bank क्या होता है। आगे हम चर्चा करेंगे कि यह कैसे काम करता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए NPA खातों की पहचान करते हैं। प्राविधान की राशि और वसूली की संभावना को ध्यान में रखकर ऐसे खातों का एक बास्केट बिक्री पर रखा जाता है।

बैड बैंक/ARC   आमतौर पर ऐसी संपत्तियां बुक वैल्यू के 45-50% पर खरीदते हैं । प्रारम्भ में बैंकों को लगभग 15% राशि का भुगतान नकद में किया जाता है ।  शेष राशि के लिए एआरसी सिकुरिटी रसीद (Security Receipt/SR ) जारी करता है।

एआरसी ऋण समाधान के लिए उपयुक्त खरीदार ढूँढता है । जब सौदा हो जाता है, तो सिकुरिटी रसीदों के बदले में बैंक को नकद भुगतान मिल जाता है ।

भारतीय परिदृश्य (Indian Scenerio):

हमारे देश में, आरबीआई के पास 31.01.2021 तक 28 एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियां (एआरसी) पंजीकृत हैं। उनमें से सबसे पुराना और पहला एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड (ARCIL) है। ARCIL को प्रमुख सार्वजनिक और निजी बैंकों द्वारा स्थापित किया गया । अब सवाल यह है कि आखिर इस मकसद से नए Bad Bank की स्थापना क्यों की जा रही है।

पूर्व अनुभव (Past Experience):

अनुभव से पता चलता है कि बैंक दो कारणों से निजी एआरसी को स्ट्रेस्ड एसेट्स बेचने के लिए उत्सुक नहीं रहे। प्रथम , एआरसी बकाया का बहुत बड़ा प्रतिशत छोडने पर ज़ोर देते थे । इसे बैंकिंग की भाषा में हेयर-कट कहा जाता है ।

इसके अलावा, एआरसी बुक वैल्यू का 25-30% देने को सहमत होते थे । प्रारम्भ में  5% नकद और शेष सेक्युर्टी रिसीप्ट के रूप में देते थे।

इन कारणों से बैंक अधिकारी हमेशा ऐसे निर्णय लेने में जवाबदेही से डरते थे। हेयर कट के रूप में अपनी बकाया राशि को छोडना उनकी ईमानदारी पर प्रश्न चिह्न लगाने का कारण बन जाता है ।

सरकार की शक्ति (Govt. Support):

1 फरवरी 2021 को अपने बजट भाषण में, केंद्रीय  वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र में एक Bad Bank  की स्थापना के संबंध में घोषणा की। प्रस्तावित Bad Bank का विचार PARA (Public Sector Assets Rehabilitation Agency) की व्यवस्था पर आधारित है। सरकार के समर्थन के कारण इसे अधिक प्रभावी माना जाता है।

चूंकि इस प्रस्तावित Bad Bank से बैंकों के Bad Loans को वसूल करने की उम्मीद है, इसे Bad Bank  कहा जाता है, लेकिन मेरा विचार है कि यह एक ‘Good Bank ‘ साबित हो सकता है।

Bad Bank में निवेश कौन करेगा ?
(Who are stake holders in Bad Bank )?

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, बैंक पहले ही रु. 2 लाख करोड़ के Stressed Assets  की पहचान कर चुके हैं। ये अससेट्स प्रस्तावित बैड बैंक को बेचे जाएंगे । इस प्रक्रिया से 15% नकद अग्रिम के साथ रु. 45-50,000 करोड़ वसूले जाने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारतीय स्टेट बैंक सहित 11 बैंक / वित्तीय संस्थान प्रस्तावित Bad Bank की पूंजी में योगदान करने की प्रक्रिया में है। प्रत्येक संस्था की बैड बैंक में 9% की समान शेयरधारिता है।

वित्तीय अनुशासन समय की मांग है ।
Credit Discipline is the need of the hour .

आशा करनी चाहिए कि Bad Bank स्थापना की यह पहल एनपीए की जटिल समस्या को हल करने में मददगार होगी। इससे बैंकों के वित्तीय स्वास्थ्य में भी सुधार होगा । ऋण अनुशासन की संस्कृति को विकसित करना अधिक महत्वपूर्ण है। यह उधारकर्ताओं के सहयोग के बिना संभव नहीं है।

हमने यह जानने का प्रयास किया कि Bad Bank क्या होता है और यह कैसे काम करता है । यदि यह पोस्ट आपको पसंद आई , तो Like और करें । अपने सुझाव और प्रतिकृया आप Comment Box में दे सकते हैं।   

इस पोस्ट को आप हमारे इंग्लिश ब्लॉग 'सफल-निवेश ' में भी पढ़ सकते हैं।

Exit mobile version