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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष
मुंबई लोकल के लेडिज कंपार्ट्मेंट में रोजाना सफ़र करने वाली एक दूसरे से परिचित महिलाओं के मध्य वार्तालाप का एक दृश्य
क्या करूँ , सैलरी से तो कुछ बचता ही नहीं। इधर आई नहीं, और उधर फुर्र। मार्च का महिना है । टैक्स बचाने के लिए भी निवेश करने का आखिरी मौका है।
अरे ऐसा कैसे, क्या आप प्लानिंग नहीं करती हो। मैं तो हर साल अप्रैल में ही पूरे वर्ष का बजट बना लेती हूँ और फिर कोई दिक्कत नहीं होती।
तो कुछ हमें भी बताओ न विस्तार से।
हाँ –हाँ, क्यों नहीं।
देखो साल के शुरू में अपने पिछले वर्ष की कुल आय को नए वर्ष की आय मानकर अपना बजट बनाओ। संभव है कि महंगाई भत्ता बढ्ने से आपकी आय में कुछ वृद्धि भी हो, पर उसे हम यहाँ नहीं ले रहे हैं। इसका कारण यह है कि वर्ष के दौरान चीजों के दाम भी तो बढ़ेंगे।
50:30:20 का फॉर्मूला अपनाएं
शॉर्ट टर्म के खर्च
कुल आय का 50% अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए अलग निकाल दो। हमारी मूलभूत या अनिवार्य आवश्यकताएँ हैं, रोटी, कपड़ा और मकान। राशन और किराने का समान, बच्चों की स्कूल फीस, लोकल ट्रांसपोर्ट , मकान का किराया, कूकिंग गैस, बिजली और मोबाइल का बिल आदि कुछ ऐसे खर्चे हैं, जो अनिवार्य है। इसमें आप अपने टैक्स सेविंग स्कीम की सिप और लाइफ इन्शुरेंस की किश्त को भी शामिल कर सकती हैं।
इस 50% के अंदर भी आप अपनी आवश्यकतानुसार लिमिट निर्धारित कर सकती हैं।
मीडियम टर्म के खर्च
अपनी कुल आय का 30% अपनी अन्य जरूरतों जैसे नए कपड़े, ड्राइंग रूम की सजावट, आगामी 3 महीनों में आने वाले तीज-त्योहार, शादी–विवाह, या कुछ नहीं तो कहीं घूमने जाने अथवा मूवी पर होने वाले खर्चों के लिए निर्धारित करें।
इसी 30% में से एक छोटी सी धनराशि आकस्मिक खर्चों के लिए अलग खाते में जमा करें, इससे आप अनावश्यक टेंशन से बचेंगी।
दीर्घकालिक खर्च
अब हमारे पास बचे मात्र 20%, जिनका उपयोग हमें लंबे समय के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए करना है। इनमें होम लोन और कार की ईएमआई, बच्चों की उच्च शिक्षा और अपने स्वयं के रिटायरमेंट प्लान के लिए सिप आदि का भुगतान शामिल है।
आपदा फ़ंड बनाएं
अनेक बार जीवन में हमारे समक्ष कठिन परिस्थियाँ उपस्थित हो जाती हैं, जिनसे आसानी से निपटने के लिए एक आपदा फ़ंड का सृजन करना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप हर महीने इस फ़ंड में रकम जमा करते रहे, तो आप पाएंगे कि तूफान में भी आपकी नौका सरलता से किनारे लग जाएगी।
स्वयं पर निवेश करें
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए यह आवश्यक है कि अपने ज्ञान को विकसित होने का अवसर दें। नए-नए प्रॉडक्ट के विषय में जानें, सेमिनार और वर्कशॉप आदि में भाग लें, जिनसे आपके सोचने और समझने का दायरा बढ़ेगा और कोई भी निर्णय लेने के लिए आप स्वयं को अधिक सक्षम महसूस करेंगी।
विशेषज्ञों की राय लें
आजकल DIY (आप स्वयम कर लें) बहुत ट्रेंडिंग है। इसमें कुछ बुराई भी नहीं है। लेकिन थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में आप सही वित्तीय निर्णय लेने से चूक जाएँ, यह भी तो उचित नहीं है। इसलिए जहां आवश्यक हो, विशेषज्ञ से सलाह-मशविरा कर सर्वश्रेष्ठ समाधान खोजें।
अरे चलो सखी, मेरा स्टेशन आ गया । बाकी बातें फिर कभी।
