Credit Card is a good friend,
but a dangerous enemy.
भूमिका Introduction:
आजकल क्रेडिट कार्ड का चलन बहुत आम बात है । शहरों में तो क्रेडिट कार्ड लगभग हर वालेट की शोभा बढ़ा रहे हैं । इतना ही नहीं, लोग एक से अधिक क्रेडिट कार्ड लेकर घूमना शान की बात समझते है। इसके बावजूद अभी भी हमारे देश में क्रेडिट कार्ड की पहुँच बहुत कम है । खासकर, छोटे शहरों , कस्बों और गांवों में क्रेडिट कार्ड का चलन लगभग नगण्य है। आज मैं आपको बताऊंगा कि क्रेडिट कार्ड एक अच्छा मित्र , लेकिन खतरनाक शत्रु भी है। हम क्रेडिट कार्ड के विषय में ऐसे तथ्यों की चर्चा करेंगे , जो सभी के लिए बहुत उपयोगी होंगी ।
क्रेडिट कार्ड एक अच्छा मित्र है।
Credit Card is a good friend.
मेरा यह मानना है कि क्रेडिट कार्ड एक बहुत ही अच्छा मित्र है। एक ऐसा मित्र, जो जरूरत के समय आपके बहुत काम आता है । आपको किसी और के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। आपको अचानक हवाई जहाज का टिकट खरीदना हो अथवा कोई मेडिकल आपदा आ जाए, ऐसी स्थिति में क्रेडिट कार्ड बहुत काम आता है। आखिर मित्र होता किस लिए है।
क्रेडिट कार्ड एक खतरनाक शत्रु है।
Credit Card is a dangerous enemy.
विडम्बना यह है , कि लोग अच्छे मित्र की परवाह नहीं करते। यह मान लेते हैं कि वह तो मेरा अपना मित्र ही है, उसकी फिक्र हम क्यों करें। लेकिन ऐसा नहीं है।
सच यह है कि लगातार उपेक्षा से आपका मित्र आपसे दूर होता चला जाता है। इसी तरह, समय पर बकाया धनराशि न चुकाने पर आपका क्रेडिट कार्ड बी आपसे रूठ जाएगा । एक समय ऐसा आएगा कि क्रेडिट कार्ड जेब में होने पर भी आप जरूरत के समय उसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
इसीलिए , मैं कहता हूँ कि क्रेडिट कार्ड एक अच्छा मित्र है, लेकिन एक खतरनाक शत्रु भी है। उससे मित्रता अच्छी है, लेकिन शत्रुता बड़ी महंगी पड़ती है।
क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड और एटीएम कार्ड में क्या अंतर है?
What’s the difference between a Credit/ Debit & ATM Card?
क्रेडिट कार्ड एक प्रकार का उधार है। उसकी तुलना आप पोस्ट पेड मोबाइल बिल से कर सकते है। यानि आप आज खर्च कर बाद में धनराशि क्रेडिट कार्ड कंपनी को चुका सकते है। वहीं दूसरी ओर , डेबिट कार्ड प्री-पेड मोबाइल की तरह है। आपके खाते में जितनी धनराशि होगी, आप उतना ही खर्च कर पाएंगे।
जहां तक एटीएम कार्ड का प्रश्न है , क्रेडिट और डेबिट दोनों ही कार्ड को एटीएम से नकद निकासी के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसलिए दोनों प्रकार के कार्ड एटीएम कार्ड भी हैं।
क्रेडिट कार्ड किसे मिलता है?
Who can get a Credit Card?
जाहिर सी बात है कि क्रेडिट कार्ड हर किसी को तो नहीं मिल सकता। कार्ड देने से पूर्व बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी आपकी वेतन पर्ची और इनकम टैक्स रिटर्न की पड़ताल करते हैं । इस बात की संतुष्टि हो जाने पर कि आपकी आय का कोई नियमित और विश्वसनीय स्रोत है, क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है। अनेक बार बैंक अपने अच्छे ग्राहकों को स्वयं क्रेडिट कार्ड की पेशकश करते हैं। आजकल अनेक बैंक होमलोन खाता अच्छे से चलाने वाले या बैंक में फिक्स डिपॉजिट रखने वाले ग्राहकों को स्वयं ही क्रेडिट कार्ड ऑफर करते हैं।
क्रेडिट कार्ड कैसे प्राप्त करें?
How to get a Credit Card?
क्रेडिट कार्ड के लिए निर्धारित आवेदन प्रपत्र के साथ आपके वेतन का साक्ष्य जैसे फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न लगाकर आप अपने बैंक में आवेदन कर सकते हैं । इसी तरह यदि आप स्वयं का बिजनेस करते हैं अथवा प्रॉफेश्नल हैं, तो आयकर रिटर्न के अतिरिक्त बैलेंस शीट की प्रति लगाकर आवेदन कर सकते हैं । वैसे आजकल कई निजी बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ ऑन लाइन आवेदन का विकल्प भी देती हैं।
क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है?
How a Credit Card works?
आप द्वारा प्रस्तुत आय संबंधी डॉक्युमेंट्स के आधार पर बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको क्रेडिट कार्ड जारी कर एक क्रेडिट लिमिट फिक्स कर देते हैं। यही नहीं , क्रेडिट लिमिट का लगभग 50% नकदी निकासी लिमिट भी प्रदान की जाती है।
आप जब भी क्रेडिट कार्ड से कुछ खरीदते हैं या किसी बिल का भुगतान क्रेडिट कार्ड से करते हैं, विक्रेता को भुगतान बैंक से प्राप्त हो जाता है। यह भुगतान वह बैंक करता है , जिसकी स्वाइप मशीन का उपयोग किया गया है। मशीन लगाने वाला बैंक पहले से तय रेट से अपना कमीशन काट कर विक्रेता के खाते में धनराशि जमा कर देता है।
यदि आपका बैंक और विक्रेता को भुगतान करने वाले बैंक भिन्न हैं , तो भुगतानकर्ता बैंक आपके बैंक से उसकी प्रतिपूर्ति कार्ड के क्लेयरिंग हाउस के जरिये प्राप्त कर लेता है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में आप कहीं नहीं आते।
आपके कार्ड की निश्चित बिलिंग तिथि पर वह राशि आपके बिल में शामिल कर दी जाती है । आपको उसका भुगतान निर्धारित तिथि पर कार्ड जारी करने वाले बैंक या कंपनी को करना होता है। इस तरह आपको लगभग 21 दिनों की फ्री क्रेडिट मिल जाती है।
क्रेडिट कार्ड पर कितना ब्याज लगता है?
How much interest is charged on a Credit Card?
यदि आपने बिल की सम्पूर्ण बकाया का भुगतान निर्धारित तारीख को या उससे पहले कर दिया, तब आपको कोई ब्याज नहीं लगेगा। असली समस्या तब होती है, जब आप देय तिथि पर बिल की सम्पूर्ण राशि का भुगतान न कर केवल न्यूनतम राशि का भुगतान करते है। यही वह मौका होता है, जब क्रेडिट कार्ड कंपनी या बैंक कमाई करते हैं । बकाया राशि पर वे 24% वार्षिक से लेकर 48% वार्षिक की दर से ब्याज वसूल करते हैं।
क्या मुझे क्रेडिट कार्ड के पैसे से शेयर ट्रेडिंग करना चाहिए?
Should I trade in shares with credit card borrowings?
कई बार लोग यह पूंछते हैं कि क्या क्रेडिट कार्ड से पैसा उठाकर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग या निवेश करना चाहिए ? तो इसका स्पष्ट जवाब है नहीं । ऐसा कभी भी नहीं करना चाहिए ।
इसका कारण यह है कि शेयर बाज़ार अनिश्चितताओं का बाज़ार है । यहाँ अगले ही क्षण बाज़ार कहाँ जाएगा, कोई नहीं जानता। यदि आप ट्रेडिंग अथवा निवेश कर फंस गए, तो क्रेडिट कार्ड के भारी-भरकम ब्याज से संकट में आ जाएंगे।
क्रेडिट कार्ड का भुगतान न करने पर क्या होता है?
What can happen, if Credit Card dues are not paid?
कुछ लोग यह प्रश्न पूंछते हैं कि यदि क्रेडिट कार्ड का भुगतान नहीं किया , तो बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी क्या कर सकते हैं ?
- हम बताना चाहेंगे कि क्रेडिट कार्ड अकाउंट ओवरड्यू या एनपीए हो जाने पर सबसे बड़ा नुकसान जो होता है , वह यह है कि आपकी साख भयंकर रूप से प्रभावित होती है। इसे आप ऐसे समझिए कि यदि बाज़ार में आपकी उधारी बहुत बढ़ जाये, तब क्या होता है। लोग आपको आगे उधार देना बंद कर देते हैं। तो सबसे बड़ा नुकसान यही है कि आपकी प्रतिष्ठा को धक्का लगता है।
- क्रेडिट रेटिंग कंपनियों को आपके डिफ़ाल्ट की जानकारी मिल जाती है। आपका
क्रेडिट स्कोरबुरी तरह प्रभावित होता है। आप किसी भी बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन के लिए संपर्क करेंगे, तो वहाँ से मायूसी ही हाथ लगेगी। - इसके अलावा, कानूनी रूप से बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी वसूली के लिए वसूली अजेंसी का सहारा ले सकते हैं, जो वसूली के लिए आपको रात-दिन फोन करेंगे या दरवाजे पर आएंगे।
- यही नहीं, आपके सोशल मीडिया अकाउंट जैसे फेसबुक, आदि से आपके सगे-संबंधियों की जानकारी लेकर उन्हें भी फोन करेंगे ।
- यदि इससे भी बात नहीं बनी , तो फिर बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी वसूली के लिए आपके विरुद्ध अदालत में मुक़द्दमा दाखिल कर सकते हैं ।
- हाँ, एक बात और, आजकल कई सरकारी विभाग, बैंक और प्रतिष्ठित कंपनियाँ नौकरी देने से पूर्व आपका सिबिल स्कोर भी चेक करते हैं। हो सकता है कि क्रेडिट कार्ड का डिफ़ाल्ट होने के कारण हाथ में आई हुई अच्छी नौकरी भी फिसल जाये।
क्रेडिट कार्ड के चक्रव्यूह से कैसे निकलें?
How to come out from Credit Card mess.
अब प्रश्न यह उठता है कि यदि क्रेडिट कार्ड की उधारी के चक्रव्यूह में फँस ही गए हैं , तो उससे बाहर कैसे निकलें। देखिये, जो काम पैसे से होना है, वह तो पैसे से ही होगा। आप केवल इतना कर सकते हैं , कि अपने बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी से बकाया राशि की किश्तें या EMI बनाने को कहें और ब्याज सहित पूरा भुगतान करें। लेकिन ब्याज दर पता कर लें।
दूसरा उपाय यह है कि यदि आपको क्रेडिट कार्ड के ब्याज की दर से कम दर पर कोई बैंक पर्सनल लोन दे देता है, तो उसे लेकर क्रेडिट कार्ड की बकाया एक बार में ही अदा कर दें। इससे आपका क्रेडिट रिकार्ड भी खराब नहीं होगा और ब्याज की भी बचत हो जाएगी।
यदि यह संभव नहीं है, तो कोई अन्य संपत्ति बेंचकर , बीमा पॉलिसी या बैंक की फिक्स डिपॉजिट आदि के सामने लोन लेकर आप क्रेडिट कार्ड के चंगुल से बाहर निकालने का प्रयास करें । ऐसे लोन पर ब्याज की दर काफी कम होती है।
यदि उपर्युक्त में से कुछ भी संभव नहीं हो पा रहा हो, और बकाया बहुत बढ़ गई हो , तो एक ही उपाय है कि कार्ड कंपनी या बैंक से बात कर एकमुश्त या किश्तों में भुगतान के लिए सेटलमेंट कर लें ।
निष्कर्ष Conclusion:
मेरा यह मानना है कि क्रेडिट कार्ड हर व्यक्ति को रखना चाहिए। यदि आवश्यक है, तो दो बैंकों के क्रेडिट कार्ड भी रखें। इससे अधिक क्रेडिट कार्ड रखना शायद कुछ ही लोगों के लिए ठीक हो सकता है, सभी को ऐसा करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
स्पष्ट है कि क्रेडिट कार्ड एक अच्छा मित्र , लेकिन खतरनाक शत्रु है । इसे इंग्लिश में कहें , तो Credit Card is a good friend, but a dangerous enemy. अब यह हम पर निर्भर है कि हम उचित ढंग से उपयोग कर क्रेडिट कार्ड को मित्र ही बने रहने दें ।
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